मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोरी पंडत पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के टाइटल को लेकर विरोध किया गया था और यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मेकर नीरज पांडे को फटकार लगाते हुए टाइटल को समाज के एक हिस्से को बदनाम करने वाला बताया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में टाइटल बदले जाने की बात कही थी और यह भी कहा था कि जब तक नया टाइटल नहीं बताया जाता तब तक फिल्म रिलीज नहीं करने दी जाएगी। इसके बाद आज फिल्म मेकर ने सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में जानकारी दी है कि फिल्म का टाइटल और पब्लिसिटी मटेरियल वापस ले लिया गया है। नया टाइटल फिलहाल फाइनल नहीं किया गया है।
बदला जाएगा फिल्म का टाइटल
जब नीरज पांडे ने फिल्म का टाइटल बदले जाने की बात कहिए तो सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट को रिकॉर्ड पर लिया और यह भी कहा कि उसे उम्मीद है कि मामला शांत हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का कहना है की फिल्म मेकर ने टाइटल वापस लेने की बात स्वीकार कर ली है जो पॉजिटिव है। अपने सामने पेश हुई पशुओं की दलीलों को ध्यान में रखते हुए दोनों जजों की बैच ने यूट्यूबर्स से इस विवाद को शांत रखने का आग्रह किया है।
क्या है मामला
इस फिल्म के पूरे मामले की बात करें तो 3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने साल 2026 के इंडिया प्लान का ऐलान किया था। इसमें नीरज पांडे की फिल्म घूसखोर पंडत का टीजरभी रिलीज किया गया था। फिल्म की कहानी तक तो ठीक था लेकिन टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि लोग सड़कों पर उतर गए और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस फिल्म में मनोज को भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर की भूमिका में देखा जाने वाला है। पुलिस महकमे में इन्हें पंडत कहा जाता है। जैसे ही टाइटल लोगों के सामने आया विवाद शुरू हो गया। हालांकि, अब टाइटल बदले जाने के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर रास्ता साफ हो सकता है।






