देश का सबसे महंगा कॉमेडियन, अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना से भी ज्यादा थी जिसकी फीस

कपिल शर्मा, भारती सिंह, सुनील ग्रोवर जैसे शानदार कॉमेडियन को तो आप पहचानते ही हैं। आज हम आपको भारत की सबसे महंगे कॉमेडियन के बारे में बताते हैं।
Highest paid comedian

भारत में अगर फिलहाल की स्थिति में देखें तो कई सारे हाईएस्ट पेड सुपरस्टार मौजूद हैं। यह लोग अपने काम के लिए करोड़ों रुपए की फीस चार्ज करते हैं। एडवर्टाइजमेंट का हिस्सा बनना हो या फिर फिल्मों का किरदार इन सभी के लिए इन्हें जमकर पैसा दिया जाता है। शाहरुख खान, सलमान खान रजनीकांत, अल्लू अर्जुन इन्हीं सितारों में शामिल है जो मोटी फीस लेते हैं। इन्हें एक प्रोजेक्ट का 100 से 200 करोड रुपए दिया जाता है। लेकिन क्या आप भारत के सबसे महंगे कॉमेडियन के बारे में जानते हैं।

आप कॉमेडियन का नाम सामने आया है तो आप लोगों को कपिल शर्मा और भारती सिंह जैसे कलाकारों का नाम याद आएगा। लेकिन हम इनकी नहीं बल्कि एक ऐसे कॉमेडियन की बात कर रहे हैं। जिसने अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, राजेश खन्ना जैसे बड़े सितारों से भी ज्यादा फीस ली है। यह कलाकार कोई और नहीं बल्कि महमूद थे जो अक्सर साइड रोल में देखे गए।

चाइल्ड एक्टर के तौर पर किया डेब्यू

1940 के दशक में मोहम्मद में फिल्म किस्मत से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। 1950 में उन्हें ‘प्यासा’ और ‘सीआईडी’ जैसी फिल्मों में कॉमेडी किरदार निभाते हुए देखा गया। अपनी कॉमेडी से उन्होंने दमदार पहचान हासिल की। 1960 तक आते-आते उन्होंने खुद को देश के प्रमुख कॉमेडियन के रूप में स्थापित कर लिया और सफल सितारे बन गए। उन्हें भूत बंगला, पड़ोसन, जौहर महमूद इन हॉन्ग कोंग, बंबई टू गोवा जैसी सफल फिल्में देते हुए देखा गया।

लेते थे सबसे ज्यादा फीस (Highest Paid Comedian)

60 के दशक में महमूद देश के ऐसे एक्टर थे जो सबसे ज्यादा फीस लेते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय फिल्मों में सिर्फ दो हफ्ते का कैमियो करने के लिए वह 7.5 लाख रूपए लेते थे। जबकि राजेंद्र कुमार. शम्मी कपूर. धर्मेंद्र और सुनील दत्त जैसे टॉप सितारों की फीस केवल 5 लाख रुपए तक थी। अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना जैसे सितारे भी 70 के दशक तक 7.5 लाख का आंकड़ा पार नहीं कर पाए थे। यह भी बताया जाता है कि 80 के दशक तक महमूद कैमियो के लिए उतनी फीस ले लिया करते थे। जितनी सलमान और आमिर खान को अपनी शुरुआती फिल्मों के लिए भी नहीं मिली।

दुनिया को कहा अलविदा

80 के दशक के बाद महमूद ने ज्यादा फिल्मों में काम नहीं किया। ‘गुड्डू’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाते हुए उन्हें देखा गया। 1996 में उन्होंने फिल्म ‘दुश्मन दुनिया’ का डायरेक्शन किया। इसके बाद उन्हें ‘घर बाजार’ में देखा गया जॉन की आखिरी फिल्म साबित हुई। साल 2004 में 71 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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