होली के सीक्वेंस ने इन फिल्मों को बनाया ब्लॉकबस्टर, क्लाइमैक्स के बाद बदली पूरी कहानी

बॉलीवुड की फिल्मों में होली के सीन काफी धूमधाम से फिल्माए जाते हैं। आज हम आपको उन फिल्मों के बारे में बताते हैं जिसमें होली के बाद पूरी कहानी पलट जाती है।
Holi 2026

होली एक ऐसा त्यौहार है जो आम आदमी न सिर्फ अपनी जिंदगी में एंजॉय करता है बल्कि फिल्मों में भी इसे बखूबी से पेश किया जाता है। कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में आपको होली के सीन देखने को मिले होंगे। कुछ फिल्मों के गाने तो इतने मशहूर हैं कि आज भी इन्हें जमकर बजाया जाता है।

हिंदी फिल्मों में होली के गाने या फिर माहौल के बीच अक्सर क्लाइमैक्स पेश किया जाता है। दशकों से होली के सीन का फिल्मों में बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कुछ फिल्में तो ऐसी है जो इसी सीन की वजह से हीट हुई है। कई फिल्मों में इसी सीक्वेंस के बाद असली ड्रामा शुरू होता है। चलिए हम आपको इन्हीं फिल्मों के बारे में बताते हैं।

डर

शाहरुख खान और जूही चावला की ये फिल्म क्लासिक कल्ट फिल्मों में गिनी जाती है। इसमें सनी देओल को भी देखा गया था। फिल्म में होली का सीन दिखाया गया है जिसके बाद कहानी पूरी तरह से बदल जाती है। यहां किरण यानी जूही ढोल पर जमकर नाचती है और राहुल यानी शाहरूख के खतरनाक इरादे उसे हैरान कर देते हैं।

दामिनी

दामिनी अपने जमाने के हिट फिल्मों में शामिल है इसमें ऋषि कपूर, मीनाक्षी शेषाद्रि और सनी देओल को मुख्य भूमिका में देखा गया था। फिल्म में होली का सीक्वेंस काफी दमदार था। इसी सीक्वेंस में दामिनी के साथ यौन उत्पीड़न की घटना होती है, जिसके बाद उसे इंसाफ की लड़ाई लड़नी पड़ती है और उसे बहुत सी मुसीबत से गुजरना पड़ता है।

शोले

होली की बात हो और शोले का जिक्र ना हो यह भला कैसे हो सकता है। फिल्म का मुख्य कैरेक्टर गब्बर अपने साथी सांभा से पूछता है की होली कब है, कब है होली। यह डायलॉग आज भी लोगों को बहुत पसंद है। इस फिल्म में होली के दिन दिल मिल जाते हैं गाना भी फिल्माया गया है जो सुपरहिट साबित हुआ। इस सीन के बाद ठाकुर की दर्द भरी दास्तां सभी के सामने आती है। वहीं जय राधा के साथ वीरू बसंती एक दूसरे के करीब आ जाते हैं।

सिलसिला

अमिताभ बच्चन संजीव कुमार रेखा और जया बच्चन की इस फिल्म को लोगों ने बहुत पसंद किया था। सदाबहार गाना रंग बरसे इसी में फिल्माया गया है। इस फिल्म का सीक्वेंस लोगों को बहुत पसंद आया था। होली के सीन में शोभा और डॉक्टर रितेश सिंह को यह पता चलता है कि अमित और चांदनी एक दूसरे से प्यार करते थे। इसके बाद पूरी कहानी बदल जाती है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews