45 की उम्र में शुरुआत, रिद्धिमा कपूर ने बदल दी कपूर परिवार की पुरानी परंपरा?

कपूर खानदान की पुरानी सोच में बड़ा बदलाव, रिद्धिमा कपूर का 45 की उम्र में फिल्मों में कदम, पिता ऋषि कपूर की सख्ती के बाद अब नई पीढ़ी की आजादी ने बदली कहानी।
45 की उम्र में शुरुआत, रिद्धिमा कपूर ने बदल दी कपूर परिवार की पुरानी परंपरा?

कभी हिंदी सिनेमा का सबसे अनुशासित और परंपराओं से बंधा परिवार माने जाने वाला कपूर खानदान आज एक नए दौर से गुजर रहा है। यह वही परिवार है जहां बेटों को फिल्मों में जाने की खुली छूट थी, लेकिन बेटियों के लिए दरवाजे लगभग बंद थे।

अब समय बदल रहा है और इसी बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई हैं रिद्धिमा कपूर। 45 की उम्र में फिल्मों में कदम रखने जा रही रिद्धिमा की कहानी सिर्फ एक डेब्यू नहीं, बल्कि एक सोच के बदलने की कहानी भी है।

बेटियां फिल्मों से दूर क्यों रहीं

कपूर खानदान की पहचान सिर्फ फिल्मों से नहीं, बल्कि अपनी सख्त परंपराओं से भी रही है। पृथ्वीराज कपूर के समय से एक नियम चला आ रहा था कि परिवार की महिलाएं फिल्मों में काम नहीं करेंगी।

यह नियम सालों तक बिना किसी सवाल के निभाया गया। बेटियों को हमेशा घर-परिवार और शादी पर ध्यान देने की सलाह दी जाती थी। यही वजह थी कि इस परिवार को अनुशासन और परंपरा का प्रतीक माना जाता था।

हालांकि समय के साथ कुछ बदलाव जरूर आए, लेकिन लंबे समय तक यह सोच कायम रही। यह एक ऐसा दौर था, जब परिवार की प्रतिष्ठा को सबसे ऊपर रखा जाता था।

आधुनिक लेकिन परंपरा के पक्के

कपूर खानदान में बदलाव की बात करें तो सबसे दिलचस्प पहलू ऋषि कपूर की सोच रही है। वे एक आधुनिक अभिनेता माने जाते थे, लेकिन परिवार की परंपराओं को लेकर बेहद सख्त थे।

उन्होंने कई बार खुलकर कहा था कि वे अपनी बेटी को फिल्मों में काम करते नहीं देखना चाहते। उनका मानना था कि फिल्मी दुनिया महिलाओं के लिए आसान नहीं है।

जब रिद्धिमा कपूर ने अभिनय में आने की इच्छा जताई, तो उन्हें तुरंत मना कर दिया गया। यह फैसला सिर्फ एक पिता का नहीं, बल्कि पूरे परिवार की परंपरा का हिस्सा था।

ऋषि कपूर के बाद बदली सोच

साल 2020 में ऋषि कपूर के निधन के बाद कपूर खानदान में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह बदलाव सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि सोच और नजरिए में भी साफ नजर आया। अब परिवार का माहौल पहले से ज्यादा खुला हो गया है। नई पीढ़ी अपने फैसले खुद लेने लगी है और अपनी पसंद को महत्व दे रही है।

रणबीर कपूर भी कई बार कह चुके हैं कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का अधिकार होना चाहिए। यही सोच धीरे-धीरे पूरे परिवार में नजर आने लगी है।

45 की उम्र में रिद्धिमा कपूर का डेब्यू

रिद्धिमा कपूर का 45 की उम्र में फिल्मों में आना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है। यह दिखाता है कि अब उम्र या पुरानी सोच किसी के सपनों के बीच नहीं आ सकती।

रिद्धिमा जल्द ही ‘दादी की शादी’ नाम की फिल्म से अपने अभिनय की शुरुआत करने जा रही हैं। इस फिल्म में उनके साथ उनकी मां नीतू कपूर और हास्य कलाकार कपिल शर्मा भी नजर आएंगे। यह फिल्म रिश्तों और जिंदगी के दूसरे मौके की कहानी पर आधारित है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश करती है।

हमेशा लाइमलाइट से दूर रहने वाली शख्सियत

कपूर परिवार के लगभग हर सदस्य का फिल्मों से गहरा रिश्ता रहा है, लेकिन रिद्धिमा ने हमेशा अलग रास्ता चुना। जहां राज कपूर, ऋषि कपूर, नीतू कपूर और रणबीर कपूर बड़े सितारे बने, वहीं रिद्धिमा ने खुद को इस दुनिया से दूर रखा। उन्होंने अपने दम पर एक अलग पहचान बनाई और ग्लैमर की दुनिया से दूरी बनाए रखी। हालांकि, उनकी तस्वीरें और स्टाइल हमेशा चर्चा में रहे, लेकिन उन्होंने कभी फिल्मों की ओर कदम नहीं बढ़ाया।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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