Shahrukh Gauri Love Story: पहली नजर में गौरी को देख दीवाने हो गए थे शाहरुख, फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है किंग खान की प्रेम कहानी

Shahrukh Gauri Love Story

Shahrukh Gauri Love Story: इश्क मोहब्बत प्यार एहसास यह सारे ऐसे शब्द है जिसका शाहरुख खान से गहरा नाता है। आखिर हो भी क्यों क्योंकि उन्हें बॉलीवुड का रोमांस किंग कहा जाता है। उन्होंने एक से बढ़कर एक रोमांटिक फिल्मों में काम कर दर्शकों का दिल जीता है। लेकिन आज हम आपको यहां उनकी किसी फिल्म के बारे में नहीं बल्कि पर्सनल जिंदगी के प्यार के बारे में बता रहे हैं।

प्यार किसी भी इंसान के जीवन का वो पहलू है, जो उसे पूरी दुनिया से अकेले मुकाबला करने की ताकत दे देता है। बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अपने प्यार को पाने के लिए पूरी दुनिया का मुकाबला किया है। आज हम आपको इन दोनों की लोग स्टोरी बताते हैं।

संघर्ष कर रहे थे शाहरुख

शाहरुख खान और गौरी की जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे सफलतम जोड़ियों में से एक है। इन दोनों ने एक-दूसरे का हाथ तब थामा था जब शाहरुख बॉलीवुड में इतना फेमस नहीं थे जितना कि आज है। वह उनके करियर का शुरुआती दौर था जब वह पैर जमाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। शाहरुख को आज भी अपनी सफलता का श्रेय पत्नी को देते हुए देखा जाता है।

पहली नजर में शाहरुख को हुआ प्यार

जब शाहरुख खान ने पहली बार गौरी को देखा था तब उनकी उम्र सिर्फ 18 साल की थी और गौरी 14 साल की थी। इन दोनों ने एक दूसरे को क्लब पार्टी के दौरान देखा था और गौरी को देखते ही शाहरुख उन्हें अपना दिल दे बैठे। उस समय गौरी किसी लड़के के साथ डांस कर रही थी और शर्मीले स्वभाव के चलते शाहरुख उनसे अपने दिल की बात नहीं कह सके। हालांकि, किंग खान ने हार नहीं मानी और अपने प्यार को पाने की पूरी कोशिश करते रहे। जिस भी पार्टी में उन्हें गौरी के आने की खबर मिला करती थी वहां पहुंच जाते थे और आखिरकार तीसरी मुलाकात में उन्होंने गौरी से उनका नंबर मांग लिया।

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ऐसे करते थे फोन पर बात

गौरी का नंबर मिल जाने के बाद दोनों के प्यार का यह सिलसिला इतना आसान नहीं रहा। वो नंबर गौरी के घर का था और उनसे बात करने के लिए शाहरुख को अपनी एक फीमेल फ्रेंड से फोन लगवाना पड़ता था। गौरी के घर पर जो भी फोन उठा था था तो शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती थी। दरअसल, ये गौरी और शाहरुख के बीच का एक कोडवर्ड था, जिससे उन्हें यह पता चल जाए कि यह फोन शाहरुख ने लगाया है। इससे गौरी के घर पर किसी को शक नहीं होता था और दोनों की फोन पर देर तक बातें चलती थी।

ऐसे किया प्रोपोज

एक दूसरे से बातचीत करते हुए शाहरूख और गौरी करीब आने लगे। एक दूसरे के साथ समय बिताना इन्हें अच्छा लगने लगा। जब शाहरुख ने गौरी को प्रपोज किया तो वह बिना जवाब दिए वहां से चली गई। किंग खान ने उन्हें शादी का प्रपोजल घर के गेट पर दिया था, जिसका उन्हें जवाब नहीं मिल पाया।

शादी में रेंट का सूट

हालांकि, बाद में गौरी ने शाहरुख का प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया और 1991 में 25 अक्टूबर के दिन दोनों ने शादी की। उस समय शाहरुख के पास ना तो दौलत थी और ना ही इतनी पहचान थी कि वह शानो शौकत से शादी कर सकते थे। मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया जाता है कि शादी के वक्त शाहरुख ने जो सूट पहना था। वह उन्होंने फिल्म राजू बन गया जेंटलमैन के सेट से किराए पर लिया था।

पेरिस बोल दार्जलिंग घुमाया

शादी के वक्त शाहरुख खान ने गौरी से कई सारे वादे किए थे और उन्हें यह भी कहा था कि वह घुमाने के लिए पैलेस ले जाएंगे। हालांकि, ना उनके पास इतना पैसा था और ना ही गौरी इतना खर्च कर सकती थी क्योंकि वह भी मिडिल क्लास फैमिली से आती थी। उस समय फिल्म राजू बन गया जेंटलमैन की शूटिंग के लिए शाहरुख को दार्जिलिंग जाना था और वह गौरी को पैलेस का नाम लेकर दार्जिलिंग घुमाने ले गए।

दो बार हुई शादी

शाहरुख और गौरी अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं इसलिए दोनों के घर वाले शादी के लिए राजी नहीं हुए थे। दोनों ने परिवार वालों को काफी मनाने की कोशिश की लेकिन यह सब कुछ नाकामयाब साबित हुआ। हालांकि, कुछ समय बाद परिवार मान गया और शाहरुख और गौरी का निकाह करवा कर गौरी का नाम आयशा रख दिया गया। इसके बाद इन दोनों ने हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक भी शादी की।

इन दोनों की शादी हुई तब शाहरुख स्ट्रगल कर रहे थे और उनके करियर को लेकर कुछ भी तय नहीं था। लेकिन गौरी को विश्वास था कि आगे चलकर वह सफलता की ऊंचाइयों पर जरूर पहुंचेंगे और उनका यह विश्वास सब साबित हुआ और शाहरुख खान आज बॉलीवुड के किंग खान बन चुके हैं।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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