भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह जहां भी जाते हैं, वहां भारी भीड़ जुटना आम बात है। उनके गाने, उनकी आवाज और उनकी लोकप्रियता ने उन्हें जन-जन का चहेता बना दिया है। लेकिन 12 जनवरी की रात, गोरखपुर महोत्सव के दूसरे दिन, पवन सिंह के मंच पर पहुंचते ही भीड़ के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। लाखों फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। जैसे ही पवन सिंह मंच पर पहुंचे, भीड़ उत्साह से भर गई। आयोजकों के अनुसार अनुमान से अधिक लोगों के आने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी और पूरे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
गोरखपुर महोत्सव में पवन सिंह का शो और बढ़ती भीड़
गोरखपुर महोत्सव उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। हर साल यहां बड़े कलाकार शामिल होते हैं। इस बार पवन सिंह के आने की खबर पहले ही फैल चुकी थी। शाम होते-होते हजारों लोग कार्यक्रम स्थल पर जमा हो गए। पवन सिंह के साथ मंच पर अभिनेता और सांसद रवि किशन भी मौजूद थे। उसी दौरान उनके जन्मदिन को लेकर केक काटने का कार्यक्रम रखा गया, जिसने भीड़ के उत्साह को और बढ़ा दिया। आयोजकों ने बताया कि भीड़ अनुमान से कहीं ज्यादा थी।
केक कटते ही बिगड़े हालात, धक्का-मुक्की शुरू
जैसे ही मंच पर केक काटा गया, लोग आगे बढ़ने लगे। कई लोग स्टेज के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और सामने रखी कुर्सियां टूटने लगीं। महिलाएं और बच्चे इस अफरा-तफरी में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कुछ लोगों को हल्की चोटें भी आईं। मिनटों में कार्यक्रम की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई।
बेकाबू भीड़ पर पुलिस का लाठीचार्ज
स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ की संख्या अनुमान से कहीं अधिक थी, जिससे नियंत्रण करना मुश्किल हो गया। लाठीचार्ज के बाद लोग इधर-उधर भागने लगे और अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टूटी कुर्सियां और भागती भीड़ देखी जा सकती हैं।
महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
घटना के दौरान महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई झेलनी पड़ी। भीड़ में फंसने के कारण कई महिलाएं घबरा गईं। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती बेहद जरूरी होती है। गोरखपुर महोत्सव की यह घटना इसी बात की याद दिलाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और प्रतिक्रियाएं
घटना के बाद सोशल मीडिया पर पवन सिंह के शो के कई वीडियो वायरल हो गए। वीडियो में टूटी कुर्सियां, भागती भीड़ और पुलिस की कार्रवाई स्पष्ट देखी जा सकती है। लोग आयोजन समिति की तैयारी पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने भीड़ के बेकाबू व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया। पवन सिंह के फैंस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पवन सिंह की लोकप्रियता और भीड़ का दबाव
पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। उनके शो में भीड़ उमड़ना कोई नई बात नहीं है। उनके गाने रिलीज होते ही ट्रेंड करने लगते हैं और स्टेज शो हमेशा चर्चा में रहते हैं। गोरखपुर महोत्सव की घटना यह दर्शाती है कि लोकप्रियता के साथ सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। बड़े सितारों के कार्यक्रमों में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम अनिवार्य होते हैं।
आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद आयोजन समिति और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठे। आयोजकों ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवेश-निकास, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं सही तरीके से की जाएं, तो भविष्य में ऐसी अफरा-तफरी से बचा जा सकता है।
कपिल शर्मा शो में नजर आए पवन सिंह
हाल ही में पवन सिंह नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहे शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में भी नजर आए थे। वहां उन्होंने मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव निरहुआ के साथ मस्ती भरे पल बिताए। इस शो के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी, जिसका असर गोरखपुर महोत्सव में भी देखा गया।





