तेरे बिन सानू सोनिया.. रब्बी शेरगिल के इस गाने के पीछे की कहानी सुनकर रो पड़ेंगे आप

रब्बी शेरगिल हमेशा से ही अपनी शानदार आवाज से लोगों का दिल जीतते आए हैं। आज हम आपको उनके फेमस गाने तेरे बिन सानू सोनिया के पीछे की कहानी बताते हैं।
Rabbi Shergill

रब्बी शेरगिल (Rabbi Shergill) की गिनती बॉलीवुड इंडस्ट्री के चर्चित सिंगर्स में होती है। उन्होंने यूफोरिया के ‘मैरी” और जब तक है जान के “छल्ला” जैसे गानों में अपनी बेहतरीन आवाज का जादू चलाया है। उनका गाना “तेरे बिन सानू सोनिया” तो आपको याद ही होगा। यह एक ऐसा गाना है जो युवाओं के बीच बहुत फेमस हुआ था। आज भी अगर आप इसे कहीं सुनेंगे तो अपने आप ही जुबान पर इसके लफ्ज़ आने लगेंगे।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से अपने गहरे अर्थ के गानों की वजह से प्रसिद्ध रही है। किसी भी फिल्म में या फिर म्यूजिक एल्बम में जो गाने गाए जाते हैं उनके लिरिक्स का गहरा अर्थ होता है, जो दर्शकों के दिल को छू लेते हैं। दर्शक गाने में दिख रहे कलाकारों और सिंगर्स से ज्यादा लिरिक्स से रिलेट कर पाते हैं। रब्बी के गाने ‘तेरे बिन’ को आजतक आप एक लव सॉन्ग के नजरिए से देख रहे होंगे। लेकिन अगर हम आपको कहें की यह गाना उन्होंने प्यार के लिए नहीं बल्कि अपने पिता के लिए गया था तो आप क्या कहेंगे। जाहिर सी बात है किसी को भी हैरानी होगी लेकिन यह बात बिल्कुल सच है क्योंकि इसे उन्होंने बातें अपने पिता के इस दुनिया से जाने के बाद बनाया था।

पिता से शिकायत है रब्बी शेरगिल का ये गाना (Rabbi Shergill)

रब्बी शेरगिल ने जब यह गाना गया था तो लोगों को लग रहा था कि यह उन्होंने प्यार की तारीफ में गया है। लेकिन हम आपको बता देते हैं कि यह गाना उन्होंने अपने पिता के गुजर जाने के बाद शिकायत के तौर पर बनाया था। दरअसल, उनके पिता जागीर सिंह एक लंबी बीमारी से गुजर रहे थे लेकिन इस बारे में उन्होंने अपने बेटे को नहीं बताया था। जब उनके पिता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया उसके बाद उन्हें पता चला कि वह बीमारी से गुजर रहे थे।

गाने के इस लिरिक्स में रब्बी ने अपने पिता से शिकायत की है कि इतना बड़ा राज उन्हें अपने पिता की जगह किसी और से पता चल रहा है। उन्होंने अपने पिता के खत कभी जिक्र किया है जिसमें वारिस शाह के दो शेर लिखे है। गाने के जरिए सिंगर ने ये बताने की कोशिश की है कि खत को पढ़कर उनकी आंखों से आंसू गिरने लगे और वो राज सामने आया जो सालों से छुपा हुआ था। गाने में सिंगर ने अपने पिता की उस बात को भी याद किया है जिसमें उन्होंने अपने बेटे से कहा था कि मेरे जाने के बाद मुझे याद करना। सिंगर पिता की बीमारी से अनजान थे इसलिए वह हंसने लगे कि आप कहां जा रहे हैं। पिता ने अपने दिल में गहरा राज छुपा का रखा था इसलिए वह नहीं हंसे। हंसिया सी मैं हंसी अजीब, तू नई सी हंसिया, दिल में तेरे जो राज सी, मैनू तू क्यों नि दसिया.. इस लाइन के जरिए रब्बी ने अपने पिता से यह कहने की कोशिश की है कि मैं हंस रहा था लेकिन आप नहीं हंसे, आपके दिल में जो राज था वह आपने मुझे क्यों नहीं बताया। कुछ इस तरह से इस गाने के हर एक लिरिक्स में रब्बी ने अपने पिता और उनकी बातों को याद किया है।

नजर आए थे जिम्मी शेरगिल

रब्बी शेरगिल का यह गाना साल 2007 में आई फिल्म ‘दिल्ली हाइट्स’ में सुनाई दिया था। इसमें जिमी शेरगिल और नेहा धूपिया को दिखाया गया था। इसे लंबे समय से लव सॉन्ग के रूप में देखा जा रहा है लेकिन यह असल में एक बेटे का अपने पिता के प्रति प्रेम और उनकी उपस्थिति के अधूरेपन पर बनाया गया है। आपको बता दें कि रब्बी का केवल यही नहीं बल्कि ‘माएरी’ भी ऐसा गाना है जो उन्होंने अपनी मां को समर्पित किया है। इसके अलावा ‘जब तक है जान’ का सॉन्ग ‘छल्ला’ भी एक नाविक के बेटे पर बनाया गया है, जो डूब जाता है और पिता उसे पुकारता है।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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