बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के करियर पर एक बड़ा संकट मंडरा गया है। दरअसल फिल्म वर्कर्स एसोसिएशन (FWICE) ने रणवीर सिंह पर बड़ा बैन लगा दिया है। यह फैसला एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर की शिकायत के बाद लिया गया है, जिसमें रणवीर पर उनकी फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने और मेकर्स को 45 करोड़ रुपए का भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है। चलिए आपको पूरी खबर बताते हैं।
दरअसल, रणवीर सिंह ने अपनी पिछली फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद अचानक फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ से हाथ खींच लिए थे। फरहान ने इसी बात को लेकर FWICE से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू हो चुका था और रणवीर के इस फैसले से फिल्म निर्माताओं को 45 करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
मामले पर रणवीर सिंह का जवाब नहीं आया
फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन तिवारी ने बताया कि उन्होंने रणवीर से इस मामले में तीन बार बात करने की कोशिश की, लेकिन एक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं इसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव यानी ‘उनके साथ काम न करने का निर्देश’ जारी कर दिया है। फेडरेशन ने रणवीर को 22 अप्रैल, 30 अप्रैल और 13 मई 2026 को रिमाइंडर भी भेजे थे। रणवीर का जवाब था कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए FWICE सही मंच नहीं है और यह मामला कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से जुड़ा है, जिसके लिए उचित कानूनी मंच या कोर्ट का रुख करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल फरहान अख्तर ने साल 2023 में रणवीर सिंह के साथ फिल्म ‘डॉन 3’ का ऐलान किया था। यह 2006 में आई शाहरुख खान स्टारर ‘डॉन’ और 2011 में आई ‘डॉन 2’ के बाद इस फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था, लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। फरहान अख्तर अपनी होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले यह फिल्म बना रहे थे और ‘डॉन 3’ को जारी रखने के लिए उन्होंने अपनी दूसरी फिल्म ‘जी ले जरा’ को भी टाल दिया था।
धुरंधर में व्यस्त हो गए रणवीर सिंह
फिल्म में देरी होने पर रणवीर सिंह ‘धुरंधर’ में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में ‘डॉन 3’ की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे थे और गाली-गलौज व हिंसक दृश्यों की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और जल्द ही साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, देरी और री-वर्क के चलते फिल्म पर काफी खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला।
वहीं इस पूरे विवाद पर रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा कि रणवीर फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा है। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।

अब समझते हैं कि FWICE क्या है और इस बैन का क्या असर होगा। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी यानी शीर्ष संस्था की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है।
जानिए क्या FWICE?
FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।
इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में ‘किंग’ (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ शामिल हैं। जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए भी काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।






