इंदौर शहर इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है, जहां पानी के लिए जनता को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई इलाकों में तो लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, वहीं कुछ बस्तियों में टैंकरों का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इस विकट समस्या से त्रस्त होकर अब कांग्रेस ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा पर कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक एकजुट होकर एक विशाल प्रदर्शन करने जा रहे हैं, जिसमें महापौर के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
दरअसल शहर की अनेकों कॉलोनियां, मोहल्ले और बस्तियां ऐसी हैं जहां पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दूर-दराज के इलाकों से सिर पर मटके रखकर पानी लाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। टैंकरों से भी उनकी पानी की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए शहरवासियों को जिस प्रकार संघर्ष करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
राजबाड़ा पर होगा अनोखा प्रदर्शन?
शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इस प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 26 मई को शाम 5 बजे से राजबाड़ा पर यह धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रमुख जीतू पटवारी भी विशेष रूप से शामिल होंगे, जो इस मुद्दे पर कांग्रेस की गंभीरता को दर्शाता है। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम समर्थक भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य इंदौर के वर्तमान महापौर से उनके पद से इस्तीफा मांगना होगा।
महापौर पर चिंटू चौकसे का तीखा हमला
चिंटू चौकसे ने महापौर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे शहर में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है, लेकिन इंदौर के महापौर निष्क्रिय और लापरवाह बने हुए हैं। उनकी उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने शहर की जनता को इस हाल में पहुंचा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि महापौर की अक्षमता के कारण ही शहर में जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लाखों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इसी निष्क्रियता और लापरवाही के चलते महापौर से इस्तीफे की मांग की जाएगी।
खाली मटके फोड़ेंगे
इस धरना प्रदर्शन को बड़े स्तर पर आयोजित करने की पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। कांग्रेसजन राजबाड़ा पर इकट्ठा होकर भाषणों के माध्यम से भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन की नाकामियों को उजागर करेंगे। इसके बाद, उनका कहना है कि राजबाड़ा से एक जुलूस की शक्ल में कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय तक कूच करेंगे। नगर निगम के सामने पहुंचकर कांग्रेसजन प्रतीकात्मक रूप से खाली मटके फोड़ेंगे, जो शहर में व्याप्त जल संकट और निगम की विफलताओं को दर्शाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल होकर अपनी एकजुटता और जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस का यह कदम शहरवासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक बड़ा दबाव बनाने का प्रयास है।






