मध्य प्रदेश सरकार ने ईद-उल-जुहा यानी बकरीद की सार्वजनिक छुट्टी की तारीख में बड़ा बदलाव किया है। पहले यह अवकाश 27 मई को तय किया गया था, लेकिन अब इसे बदलकर 28 मई कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार शाम इस संबंध में नया आदेश जारी किया, जिसके बाद राज्य के सरकारी कामकाज का पूरा शेड्यूल बदल गया है और लोगों में तारीख को लेकर चल रही उलझन भी खत्म हो गई है।
27 मई को खुले रहेंगे दफ्तर
नए आदेश के अनुसार 27 मई को प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, बैंक और अन्य संस्थान सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज चलता रहेगा। वहीं 28 मई को पूरे मध्य प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा और इस दिन सभी सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल और कॉलेज पूरी तरह बंद रहेंगे। इस बदलाव के बाद लोगों को अब अपनी यात्रा और कामकाज की योजना नए हिसाब से बनानी होगी।
क्यों बदली गई बकरीद की छुट्टी की तारीख?
बकरीद की तारीख इस बार इस्लामिक कैलेंडर और चांद दिखने पर निर्भर थी, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में तारीख को लेकर संशोधन किया गया। चांद दिखने की स्थिति और अन्य राज्यों के फैसलों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी तारीख में बदलाव करते हुए 28 मई को ही ईद-उल-जुहा का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इससे पहले दिल्ली और गुजरात में भी इसी तरह की संशोधित छुट्टी की घोषणा की जा चुकी थी।
बकरीद की छुट्टी 28 मई को, क्या-क्या रहेगा बंद?
28 मई को घोषित सार्वजनिक अवकाश के दिन पूरे मध्य प्रदेश में सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ बैंक, स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। इस दिन आम जनता से जुड़े अधिकांश सरकारी कामकाज भी प्रभावित रहेंगे। बकरीद के मौके पर लोग धार्मिक परंपराओं के अनुसार नमाज और कुर्बानी की रस्में निभाएंगे, जिसके चलते प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
छुट्टी बदलने से आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
बकरीद की छुट्टी की तारीख बदलने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जिन्होंने पहले से 27 मई को छुट्टी मानकर अपनी यात्रा या कामकाज की योजना बनाई थी। अब उन्हें अपनी योजना में बदलाव करना होगा। हालांकि 28 मई को पूरे राज्य में अवकाश होने से त्योहार मनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, बल्कि लोगों को एक निश्चित तारीख मिलने से तैयारी आसान हो गई है।
सरकार का फैसला और प्रशासनिक तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला अन्य राज्यों के निर्णय और धार्मिक कैलेंडर के अनुसार लिया है ताकि पूरे देश में एक समानता बनी रहे। प्रशासन का कहना है कि छुट्टी में बदलाव का उद्देश्य लोगों की सुविधा और त्योहार को सही तारीख पर मनाना है। सभी जिलों में पहले से ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि 28 मई को किसी तरह की अव्यवस्था न हो।






