‘UP में शूट करते तो सर्टिफिकेट दे देते’, फिल्म ‘सहिया’ पर मचे विवाद के बीच संजय शर्मा का बड़ा दावा, कोर्ट जाने की तैयारी

फिल्म ‘सहिया’ के सर्टिफिकेशन को लेकर निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा ने CBFC की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, दावा- सेंसर बोर्ड से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था UP में शूट होती तो मिल जाता सर्टिफिकेट; नक्सलवाद से जोड़ने पर जताई आपत्ति, हाई कोर्ट जाने की तैयारी
Sahiya Film

मुंबई। फिल्म ‘सहिया’ के सर्टिफिकेशन को लेकर निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। संजय शर्मा का कहना है कि उनकी फिल्म नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाली नहीं, बल्कि नक्सलियों और पुलिस के संघर्ष के बीच फंसे आदिवासी दंपती की प्रेम कहानी है। इसके बावजूद फिल्म के कंटेंट को नक्सलवाद से जोड़कर देखे जाने और सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर उन्होंने CBFC की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

इस पूरे विवाद के बीच संजय शर्मा ने एक और बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, सेंसर बोर्ड से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे कहा था कि अगर फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई होती तो उसे सर्टिफिकेट दे दिया जाता। शर्मा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहानी और फिल्म वही रहने पर सिर्फ शूटिंग की जगह बदलने से उसका मतलब कैसे बदल सकता है।

जंगल और आदिवासी इलाका दिखाने पर नक्सलवाद कैसे?

संजय शर्मा का कहना है कि उन्होंने फिल्म को वास्तविक रूप देने के लिए जंगल और आदिवासी इलाकों में शूटिंग की। उनका तर्क है कि कहानी में जंगल, नदियां, झरने और आदिवासी जीवन दिखाना था, इसलिए वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल जंगल और आदिवासी इलाके की पृष्ठभूमि होने से किसी फिल्म को नक्सलवाद से कैसे जोड़ा जा सकता है।

निर्माता का कहना है कि ‘सहिया’ में नक्सलवाद या हिंसा का समर्थन नहीं किया गया है। उनके मुताबिक फिल्म का केंद्रीय विचार प्रेम और इंसानी रिश्ते हैं और इसमें हिंसा को समस्या का समाधान बताने के बजाय उसके खिलाफ बात की गई है।

सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में देरी पर भी सवाल

संजय शर्मा ने CBFC की प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि priority category में आवेदन करने के बावजूद फिल्म की स्क्रीनिंग तय समय में नहीं हुई। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि फिल्म के आखिर किस सीन या डायलॉग को नक्सलवाद से प्रेरित माना गया, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। ‘सहिया’ की शूटिंग झारखंड के नेतरहाट क्षेत्र में भी हुई है। फिल्म में रिंकू राजगुरु, शांतनु माहेश्वरी और नीरज काबी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

सर्टिफिकेट नहीं मिला तो हाई कोर्ट जाने की तैयारी

संजय शर्मा ने साफ किया है कि अगर सर्टिफिकेशन को लेकर उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने हाई कोर्ट जाकर पूरे मामले की जांच की मांग करने की बात कही है। फिलहाल उनकी नजर CBFC की प्रक्रिया और अगले फैसले पर है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
Follow Us :GoogleNews