पैपराजी पर बुरी तरह भड़के सलमान खान, सोशल मीडिया पर सुनाई खरी-खोटी

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए देखा गया। उनकी तस्वीरें और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है।
Salman Khan

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान जब भी जहां भी नजर आते हैं पैपराजी की भीड़ उन्हें घेर लेती है। एक्टर की एक झलक पाने के लिए फैंस का काफिला लग जाता है। भाईजान भी किसी को निराश नहीं करते और मीडिया से लेकर फैंस तक सभी को तस्वीरें लेने का मौका देते हैं और उनसे बात भी करते हैं। लेकिन बीती रात नजारा कुछ और दिखाई दिया क्योंकि वह नाराज हो गए।

सलमान खान को 19 मई की रात को हिंदुजा अस्पताल के बाहर देखा गया। इस दौरान वह काफी परेशान नजर आ रहे थे। इतनी में कुछ मीडिया वाले उन्हें कर करने के लिए पहुंच गए। यह देखकर एक्टर भड़क गए। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर बहुत कम एक्टिव रहने वाले सलमान को इस मोमेंट के बारे में कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए बात करते देखा गया।

मीडिया पर गुस्सा हुए सलमान

जैसे ही सलमान अस्पताल के बाहर पहुंचे यहां फोटोग्राफर उनका पीछा करते हुए आ गए और उनकी आने वाली फिल्म मातृभूमि के बारे में सवाल करने लगे। एक्टर को यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और उन्होंने जमकर अपना गुस्सा दिखाते हुए यह पूछा कि क्या उनका दिमाग खराब हो गया है। उनका अस्पताल में कोई होगा तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा। एक्टर ने कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए इस तरह से प्राइवेसी का उल्लंघन करने की निंदा की और कहा कि वह अभी भी लड़ना नहीं भूलें हैं।

वायरल हुई वीडियो

बता देती नहीं दिया हमें सलमान को सिग्नल पर देखा और उनका पीछा करते हुए अस्पताल तक पहुंच गई। अंदर जाते समय तो एक्टर में रिएक्शन नहीं दिया लेकिन जब वह बाहर आए तब अपने लिए चिल्लाते हुए मीडिया करने को देखकर इशारा करते हुए पूछा पागल हो गए हो क्या। वह फोटोग्राफर की तरफ बढ़ते हैं और पूछते हैं कि उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती हो जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। इसके बाद फोटोग्राफर उनसे माफी मांगते हैं वह दिखाई दिए।

Video Credit: bollywood panchnama

एक्टर की सोशल मीडिया पोस्ट

इस घटना के बाद सलमान खान को सोशल मीडिया पर बैक टू बैक तस्वीरें पोस्ट करते हुए यह बताते देखा क्या कि आखिरकार उन्हें गुस्सा क्यों आया। एक्टर में लिखा कि मैंने उस प्रेस को अस्पताल में अपने दर्द के मजे लेते हुए देखा जिनके लिए ना हमेशा खड़ा रहा हूं ताकि वह अपने रोजी-रोटी कमा सकें। लेकिन अगर वह मेरे दुख से पैसे कमाना चाहते हैं तो बिल्कुल चुप रहें। भाई भाई मातृभूमि, पिक्चर की मां की आंख, फोटो जरूरी है या जिंदगी। जब तुम्हारा कोई हॉस्पिटल में होगा, क्या मैं ऐसे रिएक्ट करूंगा। साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला हूं, ये याद रखना।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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