कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, OTA सहित अन्य भत्ते का इस तरह होगा भुगतान, नियम में बदलाव, इन्हें मिलेगा लाभ

कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, OTA सहित अन्य भत्ते का इस तरह होगा भुगतान, नियम में बदलाव, इन्हें मिलेगा लाभ

Employees Salary : कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कई भत्ते की घोषणा की जाती है, वहीँ उन्हें कई भत्ते का लाभ दिया जाता है। जिसके लिए अब नियम और निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं नियम के तहत कर्मचारियों को सभी भत्ते का भुगतान किया जाना है।

कर्मचारियों के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू विभिन्न भत्तों पर समय-समय पर विभिन्न निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों को इसकी जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

1. बाल शिक्षा भत्ता (CEA)

7वें सीपीसी की सिफारिश को लागू करने के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के परिणामस्वरूप, इस विभाग ने दिनांक 17.07.2018 को एक कार्यालय ज्ञापन संख्या ए-27012/01/2017-स्था.(एएल) जारी किया है। सीईए की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • सीईए/हॉस्टल सब्सिडी का दावा केवल दो सबसे बड़े जीवित बच्चों के लिए किया जा सकता है।
  • सीईए की राशि रु. 2250/- प्रति माह प्रति बच्चा है।
  • छात्रावास अनुदान की राशि रु. 6750/- प्रति माह है।
  • सरकारी सेवक के दिव्यांग बच्चों के लिए सीईए की प्रतिपूर्ति सीईए की सामान्य दर से दोगुनी यानी रु. 4500/- प्रति माह है।
  • सीईए की दर हर बार संशोधित वेतन संरचना पर डीए में 50% की वृद्धि होने पर 25% बढ़ाई जाएगी।
  • कक्षा एक से 12वीं तक दो कक्षा से पहले पढ़ने वाले बच्चों के संबंध में सीईए और छात्रावास सब्सिडी स्वीकार्य है।

2. जोखिम भत्ता(Risk Allowance)

  • 7वें सीपीसी की सिफारिश पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार जोखिम भत्ते की दरों को संशोधित किया गया था।
  • जोखिम भत्ता वर्तमान में खतरनाक कर्तव्यों में लगे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जाता है या जिनके काम का समय के साथ स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है, उन्हें इसका भुगतान होता है।
  • जोखिम भत्ता किसी भी उद्देश्य के लिए “वेतन” के रूप में नहीं माना जाएगा।

3. रात्रि ड्यूटी भत्ता (NDA)

इस विषय पर 7वें सीपीसी द्वारा की गई सिफारिशों पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के परिणामस्वरूप निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  • रात की ड्यूटी को रात्रि 22:00 घंटे और सुबह 6:00 घंटे के बीच की गई ड्यूटी के रूप में परिभाषित किया जाएगा।
  • रात की ड्यूटी के प्रत्येक घंटे के लिए 10 मिनट का एक समान भार दिया जाएगा।
  • रात्रि ड्यूटी भत्ता की पात्रता के लिए मूल वेतन की अधिकतम सीमा 43600/- रुपये प्रति माह होगी।
  • रात्रि ड्यूटी भत्ता की प्रति घंटा की दर [(बीपी+डीए)/200] के बराबर भुगतान किया जाएगा और एनडीए दरों की गणना के लिए मूल वेतन और डीए 7वें सीपीसी के अनुसार प्रचलित मूल वेतन और डीए होगा।
  • प्रत्येक कर्मचारी के लिए रात्रि ड्यूटी भत्ता की राशि अलग से निकाली जाएगी, जो उस मूल वेतन पर निर्भर करेगी, जो संबंधित कर्मचारी रात्रि ड्यूटी करने की तिथि को प्राप्त कर रहा है।

4. ओवरटाइम भत्ता (OTA)

सरकार द्वारा स्वीकार की गई 7वीं सीपीसी की सिफारिशों के परिणामस्वरूप, यह निर्णय लिया गया है कि:

  • ‘ऑपरेशनल स्टाफ’ की श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों की सूची मंत्रालय/विभाग तैयार करें। ओवरटाइम भत्ते की दरों को ऊपर की ओर संशोधित नहीं किया जाना चाहिए”।
  • ऑपरेशनल स्टाफ को परिभाषित करने के लिए निम्नलिखित परिभाषा का उपयोग किया गया है: “सभी गैर-मंत्रालयी, गैर-राजपत्रित केंद्र सरकार के कर्मचारी कार्यालय के सुचारू संचालन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, जिनमें कुछ विद्युत या यांत्रिक उपकरणों के संचालन के साथ काम करने वाले भी शामिल हैं।”
  • मंत्रालयों/विभागों का संबंधित प्रशासन विंग संयुक्त सचिव (प्रशासन) के अनुमोदन से परिचालन कर्मचारियों की सूची में कर्मचारियों की एक विशेष श्रेणी को शामिल करने के लिए उपरोक्त मापदंडों के आधार पर पूर्ण औचित्य और संबंधित मंत्रालय/विभाग के वित्तीय सलाहकार के साथ परिचालन कर्मचारियों की एक सूची तैयार करेगा।
  • ओटीए के अनुदान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ा जा सकता है।

5. संसद सहायकों को देय विशेष भत्ता

  • सरकार द्वारा 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर लिए गए निर्णय के अनुसार, संसद सत्र के दौरान संसद के काम में पूरी तरह से लगे लोगों को देय विशेष भत्ते की दरों को मौजूदा स्तर से 50% यानि 1500 और रु.1200 रुपये के स्तर से क्रमशः सहायकों और यूडीसी को देय 2250 और 1800 रुपये तक बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
  • भत्ता प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए पूर्ण दरों पर स्वीकार्य होगा, जिसमें उस महीने में कम से कम 15 दिनों के लिए संसद का सत्र चल रहा हो। कम अवधि वाले माह के लिए, भत्ता पूरे माह के लिए निर्धारित दरों का आधा स्वीकार्य होगा।
  • संसद सहायकों को उन कैलेंडर महीनों के लिए कोई ओटीए का भुगतान नहीं किया जाएगा, जिसमें संसद का सत्र चल रहा हो।
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