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Mohan Cabinet Meeting : मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी, लिए गए कई बड़े फैसले, किसानों को भी सौगात

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:
गुड़ी पड़वा 30 मार्च से 30 जून तक अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा। इस वर्ष भी अभियान में विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
Mohan Cabinet Meeting : मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी, लिए गए कई बड़े फैसले, किसानों को भी सौगात

Mohan Cabinet Decision 2025 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार शाम को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई।कैबिनेट बैठक में अविरल निर्मल नर्मदा योजना के लिए 124 करोड़, तुअर दाल का मूल्य निर्धारित ,घुमंतू और अर्ध घुमंतु परिवार चिन्हित और इंदौर-पीथमपुर में 1290 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं का उपार्जन प्रारंभ हो गया है। अब तक 10 लाख से अधिक किसान पंजीयन करवा चुके हैं। पंजीयन की प्रक्रिया 31 मार्च तक चलनी है। प्रदेश में 2691 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 1827 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 175 रूपए बोनस के रूप में दे रही है।मंत्रीगण से प्रभार के जिलों में गेहूं उपार्जन कार्य की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिये।

मोहन कैबिनेट बैठक के फैसले

  1. तुअर दाल का समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया है। इस बार 7650 रुपए प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। 1.27 मीट्रिक टन खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
  2. ओंकारेश्वर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को मंजूरी ।
  3. अविरल निर्मल नर्मदा योजना के लिए सरकार ने 124 करोड़ रुपए मंजूर ।अगले सात साल तक योजना चलेगी। वन विभाग को नोडल विभाग बनाया ।नर्मदा के 10 किलोमीटर एरिया में पौधारोपण किया जाएगा। यह अभियान 2024-25 से लेकर 2031-32 तक चलेगा और इसमें नर्मदा नदी के दस किलोमीटर के दायरे में स्थित 12 वन मंडलों के 5600 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण किया जाएगा।
  4. भोपाल की हुजूर विधानसभा के झागरिया में आयुष्मान का नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) बनाया जाएगा। इस केंद्र के लिए राज्य सरकार ने 4 हेक्टेयर भूमि भारत सरकार को एक रुपये के भू-भाटक पर आवंटित की है।
  5. मुख्यमंत्री पशुपालन योजना 2025 का अनुमोदन ।इस योजना के तहत पशु नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने का कार्यक्रम। 151 करोड़ की राशि व्यय की ।
  6. विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतू परिवारों का पोर्टल पर चिन्हित करना और और उनका पंजीकरण किए जाने की योजना का कैबिनेट में अनुसमर्थन।
  7. इंदौर और पीथमपुर के बीच बनने वाले कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए भूमि अर्जन की योजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत 1290 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जाएगा। इंदौर के 9 और पीतमपुर के 8 गांव की भूमि 1290 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जाएगा। इंदौर से पीतमपुर के बीच 75 फीट चौड़े कॉरिडोर का निर्माण ।यह एयरपोर्ट से भी जुड़ेगा।

30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा सवंर्धन अभियान 

  • सीएम डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि गुड़ी पड़वा 30 मार्च से 30 जून तक अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा। जलाशयों की सफाई, पौधे लगाने, छोटी नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।
  • इन कार्यों में आमजन की भागीदारी भी रहेगी।प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गत वर्ष इस अभियान में लगभग एक हजार करोड़ रूपए की लागत से 38 हजार से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया। लगभग 300 करोड़ रूपए की लागत से 21 हजार से अधिक जीर्णोद्धार और सुधार कार्य किए गए। गत वर्ष नगरीय क्षेत्रों में भी जल संरचनाओं की कार्य क्षमता में वृद्धि हुई। लगभग 6.40 लाख घन मीटर गाद निकाली गई।
  •  इस वर्ष भी अभियान में विभाग मिलकर कार्य करेंगे। मुख्य रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, पर्यावरण, वन, संस्कृति और कृषि जैसे विभागों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता के लिए मंत्रीगण को विभागीय स्तर और प्रभार के जिलों में सतत समीक्षा करने को कहा।

अनुपूरक बजट का 31 मार्च तक किया जाए समुचित उपयोग

  • सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में विभागवार निर्धारित की गई राशि के नियमानुसार और समुचित व्यय के संबंध में सभी मंत्री विभाग स्तर पर विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ बैठकें आयोजित करें।
  • इन बैठकों में मदवार स्वीकृत राशि के व्यय और बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में रणनीति भी तैयार करें। केन्द्रांश की भी सतत मॉनीटरिंग की जाए।
  • जल संसाधन, लोक निर्माण, नर्मदा घाटी विकास, ऊर्जा, कृषि, नगरीय विकास और आवास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उच्च शिक्षा, नवकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विकास और खाद्य विभाग द्वारा 31 मार्च तक अनुपूरक बजट में स्वीकृत राशि के नियमानुसार और समुचित रूप से उपयोग की व्यवस्था की जाए।
  • केपिटल मद में 11 हजार 317 करोड़ और रेवेन्यू मद में 7 हजार 889 करोड़ रूपए अनुपूरक में स्वीकृत किए गए हैं।
Pooja Khodani
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