
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान वे गांधीनगर, अहमदाबाद और महेसाणा जिलों में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे सहकारिता महासम्मेलन में भी शामिल होंगे। दौरे की शुरुआत गांधीनगर के महात्मा मंदिर में पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन से हुई, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।
अहमदाबाद के नारणपुरा में अमित शाह ने गुजरात के सबसे बड़े स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। 824 करोड़ की लागत से बना यह खेल परिसर 1.18 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है। इसका दौरा पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों और ऑस्ट्रेलियाई खेल उत्कृष्टता मंच के प्रतिनिधि कर चुके हैं, जिन्होंने इसकी सुविधाओं और गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया है। यहां भविष्य में एशियाई एक्वाटिक चैम्पियनशिप और विश्व भारोत्तोलन चैम्पियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे।
गुजरात दौरे पर अमित शाह
इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का स्विमिंग पूल विशेष “मार्था टेक्नोलॉजी” से बनाया गया है। सामान्य पूल की तुलना में इसमें जमीन पर टाइल लगाने के बजाय पीवीसी कोटेड स्टील गर्डर-प्लेटों पर विशेष शीट बिछाई गई है। इस पर पानी भरा जाता है और तैराक चाहे छलांग लगाए या तेज तैरे, चोट का खतरा नहीं रहता। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों में इसी तकनीक के पूल का इस्तेमाल होता है। इसकी खासियत यह भी है कि इसे कस्टमाइज़ किया जा सकता है, यानी प्रतियोगिता के हिसाब से छोटा या बड़ा बनाया जा सकता है।
रविवार शाम को अमित शाह पेथापुर में प्राथमिक आरोग्य केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे कोलवडा तालाब का लोकार्पण करेंगे और गांधीनगर महानगर पालिका तथा डाक विभाग की विविध विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनके अलावा वे अहमदाबाद में एम पल्लव ब्रिज का उद्घाटन करेंगे और नगर निगम की कई अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में अमित शाह KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग) की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करेंगे। साधन वितरण समारोह के दौरान वे लाभार्थियों को उपकरण भी सौंपेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना और स्थानीय उद्यमों को मजबूती प्रदान करना है। शाह का यह दौरा विकास परियोजनाओं, सहकारिता आंदोलन और राष्ट्रीय महत्व की योजनाओं को गति देने पर केंद्रित माना जा रहा है।
