गुजरात में नगर निगम चुनाव सीआर पाटिल की अगुवाई में ही लड़ने की संभावना, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति टली!

बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह ही गुजरात के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में भी देरी के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य में आने वाले महीनों में होने वाले शहरी निकाय चुनाव मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे।
गुजरात में नगर निगम चुनाव सीआर पाटिल की अगुवाई में ही लड़ने की संभावना, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति टली!

बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह ही गुजरात के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में भी देरी के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य में आने वाले महीनों में होने वाले शहरी निकाय चुनाव मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उप राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है और इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पद पर बने रहने की संभावना जताई जा रही है। उप राष्ट्रपति पद के लिए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में, पार्टी अपने सबसे सफल प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को कुछ और महीनों तक जिम्मेदारी सौंप सकती है। नवसारी से सांसद और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को रिकॉर्ड 156 सीटें दिलाकर इतिहास रच दिया था।

नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति टली!

गुजरात में इस साल के अंत तक अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट समेत कई नगर निगमों के चुनाव होने हैं। संगठन की कमान अब तक नए प्रदेश अध्यक्ष को नहीं सौंपी गई है। अगर चुनाव में देरी भी होती है, तो इनके जनवरी-फरवरी तक होने की संभावना है। वर्तमान में शहरी इलाकों में बीजेपी मजबूत स्थिति में है, और पार्टी चाहती है कि इस पकड़ को बनाए रखा जाए। अंदरखाने यह सहमति बन रही है कि मौजूदा हालात में सीआर पाटिल ही इन चुनावों में पार्टी की कमान संभालेंगे, क्योंकि नए अध्यक्ष को संगठन और उम्मीदवारों के बीच तालमेल बैठाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।

गुजरात में अब कुल 17 नगर निगम हैं। इस साल की शुरुआत में राज्य सरकार ने 9 नई नगर निगमों को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही नगर पालिकाओं की संख्या 149 हो गई है। बीजेपी ने जुलाई 2020 में सीआर पाटिल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था और पिछले महीने उन्होंने इस पद पर अपने पांच साल पूरे कर लिए। पाटिल चुनावी रणनीति में डाटा-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की जिम्मेदारी भी पहले संभाल चुके हैं।

गुजरात की तरह ही उत्तर प्रदेश में भी अभी तक नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त नहीं हुआ है। संगठनात्मक बदलाव को लेकर पार्टी का ध्यान वर्तमान में राष्ट्रीय और बड़े चुनावी अभियानों पर केंद्रित है। ऐसे में, गुजरात में पटेल-पाटिल की जोड़ी अगले शहरी निकाय चुनाव तक बनी रहने की पूरी संभावना है।

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