गुजरात बीजेपी में बड़े बदलाव की अटकलें, अध्यक्ष और मंत्रिमंडल पर नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के हालिया गुजरात दौरे के बाद राजनीतिक हलकों में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही प्रदेश में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अहम फैसले ले सकती है।
गुजरात बीजेपी में बड़े बदलाव की अटकलें, अध्यक्ष और मंत्रिमंडल पर नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के हालिया गुजरात दौरे के बाद राजनीतिक हलकों में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही प्रदेश में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अहम फैसले ले सकती है। इसमें नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में फेरबदल शामिल है। भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में फिलहाल 16 मंत्री हैं, जिनमें 8 कैबिनेट, 2 स्वतंत्र प्रभार और 6 राज्य मंत्री हैं। 2022 में उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए जल्द बदलाव की अटकलें तेज हैं। यह फेरबदल श्राद्ध खत्म होने के बाद भी संभव माना जा रहा है।

गुजरात बीजेपी में बड़े बदलाव की अटकलें

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सबसे ज्यादा सस्पेंस है। मौजूदा अध्यक्ष सीआर पाटिल की जगह किसे जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर कई नाम चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी इस बार किसी ओबीसी या क्षत्रिय चेहरे को यह पद सौंप सकती है। दावेदारों में राज्यसभा सांसद मयंक नायक और भूपेंद्र सरकार में मंत्री जगदीश विश्वकर्मा का नाम प्रमुख है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का फैसला इस आधार पर होगा कि मंत्रिमंडल में किसकी एंट्री होती है और किसकी छुट्टी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह पार्टी ने अन्य राज्यों में बदलाव किए हैं, उसी तरह गुजरात में भी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर नए समीकरण साधे जा सकते हैं।

वर्तमान मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा चार मंत्री सूरत से हैं, जिनमें हर्ष संघवी, मुकेश पटेल, प्रफुल पानशेरिया और कुंवरजी हलपति शामिल हैं। अहमदाबाद से सीएम भूपेंद्र पटेल और जगदीश विश्वकर्मा मंत्री हैं। वहीं, राजकोट सिटी और वडोदरा जैसे बड़े शहरों से कोई मंत्री नहीं है। भावनगर शहर से भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए चर्चा है कि फेरबदल में वडोदरा, अहमदाबाद और अमरेली से नए चेहरों को मौका मिल सकता है। संभावित नए मंत्रियों में अर्जुन मोढवाडिया, हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और कौशिक वेकारिया के नाम चर्चा में हैं। अगर कैबिनेट से परशोत्तम सोलंकी हटते हैं, तो हीरा सोलंकी की एंट्री हो सकती है।

हालांकि बदलाव कब होगा, इस पर स्थिति साफ नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी का फिलहाल पूरा ध्यान उपराष्ट्रपति चुनाव, राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति और बिहार चुनावों पर है। ऐसे में गुजरात में फेरबदल दिवाली तक टल सकता है। अगले हफ्ते तीन दिन का विधानसभा मानसून सत्र है, लेकिन श्राद्ध और नवरात्रि के कारण नए फैसलों की संभावना कम है। संघ के 100 साल का जश्न और दिवाली की लंबी छुट्टियों के बाद ही बदलाव की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। माना जा रहा है कि निगम चुनाव फरवरी में होने की संभावना है, इसलिए उससे पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े फैसले तय हो सकते हैं।

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