अहमदाबाद में डिजिटल बस सेवा शुरू, नया मोबाइल ऐप लॉन्च, ऑनलाइन मिलेगा पास

नागरिकों के हित में एएमसी ने बड़ा कदम उठाया है। बस सर्विस को डिजिटल बनाने के लिए ऐप लॉन्च किया गया है। ऑनलाइन पास भी बुक किया जा सकता है। आइए जानें इसपर कौन-कौन सी सुविधा मिलेगी?
i Pass Ahmedabad mobile app

AMC ने लॉन्च किया i Pass अहमदाबाद मोबाइल ऐप

बस यात्रा को आसान और सुलभ बनाने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने बड़ा कदम उठाया है। बस सेवाओं को डिजिटल करने का फैसला लिया गया है। जिसके लिए i “i Pass” अहमदाबाद मोबाइल ऐप (Ahmedabad Bus Mobile App) लॉन्च किया गया है। जिससे एएमटीएस और बीआरटीएस बस से ट्रैवल करना पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल होगी। यह कदम गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के डिजिटल गवर्नेंस का एक हिस्सा है। जिससे लाखों यात्रियों को लाभ होने वाला है।

इस पहल से रोजाना बस से सफर करने वाले लोगों को फायदा होगा। डिजिटल सेवाएं लाखों छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी। उन्हें टिकट या पास के लिए लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। अब ऑनलाइन स्मार्टफोन पर कभी भी और कहीं भी पास प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा नवीनीकरण, अपडेट और वेरीफिकेशन प्रक्रिया भी ऐप पर उपलब्ध रहेगी। स्टूडेंट्स, दिव्यांगजनों और और सीनियर सिटीजंस के लिए कई बेनेफिट्स और रियायतें भी उपलब्ध होगी।

 दो भाषाओं का ऑप्शन मिलेगा 

यह ऐप दो भाषाओं में उपलब्ध होगा- इंग्लिश और गुजराती। यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से किसी को भी चुन सकते हैं। इसमें अहमदाबाद के सभी बसों की जानकारी मिलेगी, इनसे संबंधित पास या टिकट भी मिलेगा। यूपीआई और कार्ड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर पाएंगे। पास प्राप्त के लिए सिर्फ दस्तावेजों को अपलोड करना होगा। जरूरी जानकारी दर्ज करनी पड़ेगी। इसमें यात्रियों को ई-पास और फिजिकल पास दोनों की सुविधा भी मिलेगी। हार्ड कॉपी के लिए एएमटीएस ऑफिस जाना होगा। ऐप को गूगल प्लेस्टोर पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।

स्टूडेंट्स के लिए पास की फीस 

छात्रों को 6 महीने के बस पास के लिए 400 रुपये फीस देना होगा। छात्राओं के लिए शुल्क 350 रुपये होगा। वहीं वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को 2 साल के पास के लिए सिर्फ 78 रुपये देने होंगे। स्टूडेंट्स और अनाथ बच्चों को 50% तक डिस्काउंट भी मिल सकता है।

एमएमटीएस कमिटी के अध्यक्ष धर्मेश देसाई ने कहा कि, “इस पहल का उद्देश्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। ताकि लोग कम से कम प्राइवेट व्हीकल का इस्तेमाल करें। इससे ट्रैफिक भी कम होगा और नागरिकों को भी फायदा होगा।”

Manisha Kumari Pandey
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