तुलाई न होने से परेशान किसान करने लगा आत्महत्या, पुलिस ने पीटा

तुलाई न होने से परेशान किसान करने लगा आत्महत्या, पुलिस ने पीटा

गुना| विजय कुमार जोगी| सरकार द्वारा भेजे जा रहे SMS. के बावजूद भी किसान को अपनी उपज बेचने के लिए परेशां होना पड़ रहा है| कई दिनों के इन्तजार के बाद भी नंबर न आने से किसानों का सब्र टूट रहा है| मामला है गुना के बमोरी तहसील के ग्राम रामपुर सोसाइटी का जहां एक किसान तुलाई न होने से इतना परेशान हो गया कि उसने आत्महत्या करने का प्रयास किया| इस दौरान पुलिस ने उसे रोका और मारपीट करते हुए थाने ले गई|

रामपुर सोसाइटी पर 8 से 10 दिन के अंदर भी किसानों के गेहूं की तुलाई नहीं हो पा रही है, जिससे किसान परेशान हैं| अब नौबत यह आ गई है कि किसान भड़कने लगा है और एक किसान तो खुदकुशी तक करने के लिए तैयार हो गया था| लेकिन मौके पर पुलिस ने रोका और उसे गलत ढंग से मारते हुए थाने ले गए| किसान का कहना है कि हम पहले आए हुए हैं और हमारी ट्राली की तुलाई पहले होना चाहिए, पैसे लेकर बाद में आए हुए व्यक्ति की तुलाई कर देते हैं जो व्यक्ति पैसा नहीं देता वह 8 से 10 दिन तक खड़ा रहता है | इसके बाद भी तुलाई नहीं हो रही है|

किसानों का कहना है कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए| किसान बहुत परेशान हो गया है, 8 से 10 दिन तक सोसाइटी में भूखे प्यासे बैठे हैं, इसके बाद भी तुलाई नहीं हो पा रही है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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