गुना, मध्य प्रदेश: पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गुना जिले में वाहन चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो से लगभग 1 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई, लेकिन आरोप है कि पुलिस टीम ने 20 लाख रुपये लेकर गाड़ी को जाने दिया। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है, जिसमें थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह पूरा घटनाक्रम धरनावदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रूठियाई पुलिस चौकी के पास नेशनल हाईवे-46 पर स्थित टोल नाके का है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को पुलिस की एक टीम नियमित वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर (GJ 05 RK 9351) की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका गया। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी एक जीरा कारोबारी की थी।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें नोटों के बंडल मिले, जिनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने पर नियमानुसार आयकर विभाग को सूचित कर कार्रवाई की जानी थी। लेकिन आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कारोबारी से सौदा कर लिया।
आरोपों के अनुसार, पुलिस टीम और कारोबारी के बीच 20 लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने पर सहमति बनी और रिश्वत की रकम लेने के बाद स्कॉर्पियो को बाकी नकदी के साथ जाने दिया गया। हालांकि, यह मामला दब नहीं सका और इसकी भनक वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई।
डीआईजी ने देर रात की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी शनिवार देर रात खुद धरनावदा थाना और रूठियाई चौकी पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और टोल नाके के रिकॉर्ड खंगाले। डीआईजी सांघी ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से सख्ती से पूछताछ की और यह जानने का प्रयास किया कि इतनी बड़ी बरामदगी को आधिकारिक रिकॉर्ड में क्यों नहीं दर्ज किया गया और किसके कहने पर वाहन को छोड़ा गया।
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। चर्चा है कि गुजरात के किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के फोन आने के बाद कथित तौर पर लिए गए 20 लाख रुपये भी वापस कर दिए गए। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं।
अब तक की कार्रवाई
प्रारंभिक जांच और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के आधार पर थाना प्रभारी समेत तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने पुलिस की चेकिंग प्रक्रिया और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







