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गुना में दर्दनाक हादसा: पुलिया से गिरते ही कंटेनर बना आग का गोला, जिंदा जल गया ड्राइवर

मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाईवे-46 पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। राजस्थान नंबर का कंटेनर अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरा और कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गया।
गुना में दर्दनाक हादसा: पुलिया से गिरते ही कंटेनर बना आग का गोला, जिंदा जल गया ड्राइवर

गुना जिले के बीनागंज बाईपास के पास हुआ यह हादसा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कंटेनर तेज रफ्तार में था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। पुलिया से नीचे गिरने के बाद वाहन में जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते आग फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को बचाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई भी वाहन के करीब नहीं पहुंच सका।

कंटेनर शिवपुरी-गुना मार्ग से होते हुए ब्यावरा और भोपाल की ओर जा रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक कंटेनर पूरी तरह जल चुका था। पुलिस के अनुसार चालक वाहन के केबिन में फंस गया था और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। वहीं क्लीनर मनीष बघेल किसी तरह बाहर निकल गया, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस और फायर ब्रिगेड

हादसे की सूचना मिलते ही बीनागंज चौकी पुलिस, चाचौड़ा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में काफी समय लगा क्योंकि कंटेनर में आग तेजी से फैल चुकी थी। इस दौरान हाईवे के एक हिस्से पर यातायात भी प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि वाहन पुलिया से नीचे गिरने के बाद आग की चपेट में आया। हालांकि कंटेनर में आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। दुर्घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। घायल क्लीनर को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

ट्रक दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू

इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर हाईवे सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में नेशनल हाईवे-46 पर कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोना प्रमुख कारण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी तय करने वाले भारी वाहनों के चालकों के लिए नियमित विश्राम और वाहन की तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।

चाचौड़ा एसडीओपी मनोज कुमार झाने ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा चालक की गलती, वाहन में तकनीकी खराबी या सड़क की किसी समस्या के कारण हुआ। पुलिस कंटेनर के दस्तावेज और उसके रूट की भी जांच कर रही है। वहीं मृतक चालक की पहचान और उसके परिवार को सूचना देने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

फिलहाल इस हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया है और सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर चर्चा शुरू कर दी है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के पीछे की पूरी वजह साफ हो सकेगी।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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