21 करोड़ की साइबर ठगी मामले में BJP नेता गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 50 लाख रुपये, पूछताछ में चौंकाने वाले कई खुलासे

दिव्या नामक महिला ने सीए कोक्रिप्टो में निवेश का झांसा दिया और फिर भरोसा जीतने के बाद साइबर ठगों की टीम ने धीरे धीरे करते हुए करीब 6 महीने में 21 करोड़ रुपये जमा करवा लिए और मोबाइल बंद कर लिए। 
BJP leader arrested cyber fraud case

BJP leader arrested cyber fraud case

ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय के साथ हुई मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी 21 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश प्रसाद मालवीय को गिरफ्तार किया है, जांच के दौरान इसके खाते में 50 लाख रुपये का ट्रांजिक्शन मिला था , पूछताछ में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

ग्वालियर के वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के साथ हुई 21 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की परतें धीरे धीरे खुलती जा रही हैं, राज्य साइबर सेल ग्वालियर प्रभारी संजीव नयन शर्मा के नेतृत्व में टीम वो सब खाते खंगाला रही है जहाँ पैसों का ट्रांजिक्शन किया गया उर फिर उनके खाताधारकों तक पहुंच रही है, पहली लेयर में 77 एकाउंट में ठगी का पैसा ट्रांसफर हुआ इनमें से कुछ खाते म्यूल भी थे।

जिला पंचायत सदस्य के खाते में पहुंचे 50 लाख रुपये 

जब पुलिस इन खतों को खंगाल रही थी तभी उसे एक खाता शाजापुर जिले का दिखाई दिया जिसमें साइबर ठगों ने 50 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की थी, पुलिस तकनीकी साक्ष्य की मदद से खाताधारक के घर शाजापुर पहुंच गई, पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया उसने अपना परिचय भाजपा नेता जगदीश मालवीय के रूप में दिया और बताया कि वोजिला पंचायत सदस्य है, पुलिस ने उसे जब उसके बैंक खाते में आई रकम के बारे में पूछताछ तो वो जवाब नहीं दे पाय और फिर पुलिस उसे गिरफ्तार कर ग्वालियर ले आई जहाँ अदालत से 3 दिन की रिमांड पर लिया है।

पूछताछ में भाजपा नेता ने किये कई खुलासे 

यहाँ खास बात ये है कि पुलिस की शुरूआती पूछताछ में ही कई चौंकाने वाले खुलासे हुये हैं, डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि जब जगदीश मालवीय से कड़ाई से पूछताछ की गई तो मालूम चला कि ये कई नेटवर्क से जुड़ा है, अलग अलग राज्यों में दर्ज करीब 11 प्रकरण ऐसे हैं जहाँ से इसके पास करीब 3 करोड़ रुपये पहुंचे हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है, उन्होंने बताया कि ठगी के पैसों से विदेश यात्राओं की जानकारी भी सामने आई है जिसके साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह से हुई सीए के साथ 21 करोड़ की ठगी 

उल्लेखनीय है 70 वर्षीय सीए अशोक विजयवर्गीय के पास दिसंबर 2025 में एक महिला ने फोन किया जिसने अपना नाम दिव्या बताया उसने उन्हें व्यापार का ऑफर दिया और मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया, दोनों में व्हाट्स एप पर बात होने लगी, दिव्या नामक महिला ने उन्हें क्रिप्टो में निवेश का झांसा दिया जिसमें सीए लालच में आ गए उन्होंने कुछ राशि इन्वेस्ट की जिस पर उन्हें 1.88 लाख का रिटर्न भी मिला, भरोसा जीतने के बाद साइबर ठगों की टीम ने धीरे धीरे करते हुए करीब 6 महीने में 21 करोड़ रुपये जमा करवा लिए, जब रिटर्न आना बंद हो गया तब ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में माला दर्ज कराया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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