मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ग्वालियर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के कुल 68 हजार 378 उपभोक्ताओं को जून माह में 1 करोड़ 12 लाख 87 हजार रुपए की रियायत प्रदान की गई है। यह छूट कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी विद्युत खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे (ToD) योजना के अंतर्गत प्रदान की गई है। खपत के समय के हिसाब से मिली इस रियायत से बिजली बिलों का बोझ काफी कम हुआ है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया है कि कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर में बिजली उपयोग करने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। दिन के टैरिफ में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य, स्ट्रीट लाइट एवं निम्नदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि को सोलर ऑवर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उपभोग की गई ऊर्जा पर ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर में 20% तक की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड या अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को प्रदान की जा रही है।
प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने आमजन एवं उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें तथा स्मार्ट मीटर के उपयोग से होने वाले लाभों का अधिक से अधिक फायदा उठाएं।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिजली की खपत को ट्रैक करने, ऊर्जा बचत करने तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से कहीं से भी अपनी खपत की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।
स्मार्ट मीटर के फायदे
- ऊर्जा की खपत को ट्रैक कर नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।
- बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
- एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
- ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
- ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।
- ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
- स्मार्ट मीटर से सटीक रीडिंग, पारदर्शी बिलिंग एवं ऊर्जा खपत की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होती है।






