पूर्व मंत्री का बड़ा बयान, हमारे लिए चुनौती नहीं “महाराज”

पूर्व मंत्री का बड़ा बयान, हमारे लिए चुनौती नहीं “महाराज”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना| 24 सीटों पर उपचुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस का मुख्य फोकस ग्वालियर चंबल संभाग की 16 सीटों पर है। सिंधिया के प्रभाव वाली इन सभी सीटों पर कांग्रेस बारीकी से नजर जमाये हुए है। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच कमी की खबरों के बीच शनिवार को पूर्व मंत्री तरुण भनोट ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने पार्टी कार्यालय पर आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं से कहा कि आप और हमें मिलकर पार्टी, संगठन और इस क्षेत्र की जनता के साथ हुए धोखे का बदला लेना है। उधर मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सिंधिया हमारे लिए चुनौती नहीं हैं।

ग्वालियर विधानसभा के लिए संगठन द्वारा प्रभारी बनाये पूर्व मंत्री एवं विधायक तरुण भनोट ने शिंदे की छावनी स्थित पार्टी कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने जिला कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि आप समझ लें हम यहां टिकट बांटने नही आए है, प्रत्याशी तय करने नहीं आए हैं, पार्टी के सर्वे में जो नाम आएगा उसके आधार पर प्रत्याशी बनाया जाऐगा उन्होंने कहा “चंबल की माटी कहती साफ दगाबाजों को नहीं करेगी माफ” , धनबल के आधार पर जिस प्रकार से भाजपा ने जनता द्वारा निवार्चित कांग्रेस सरकार को गिराने का कृत्य किया है, ऐसे दगाबाजों को माफ नहीं किया जाएगा, आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजुम इस बात का साक्षी हो गया है कि यह कार्यकर्ता कांग्रेस की विचारधारा के लिए समर्पित हैं किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं याद रखिये यह चुनाव विकास करने वाली कांग्रेस, ओर दल बदल करने वाली भाजपा के बीच है। तरुण भनोट ने कहा कि 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने जो विकास प्रदेश में किया वो भाजपा को पसंद नहीं आया, आने वाले चुनाव में कांग्रेस एक-एक बिंदू पर भाजपा को करारा सबक सिखाएगी। पूर्व मंत्री ने कांग्रेस छोड़कर गए पूर्व विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब कांग्रेस सरकार थी, दलबदलू बड़ी बड़ी बातें करते थे आज भाजपा में पहुंचकर उनकी बोलती बंद हो गई है। कांग्रेस की आवाज कांग्रेस की शान, कांग्रेस की पहचान कार्यकर्ता है। अपने सम्मान के लिए, जनता की शान के लिए प्रदेश के विकास के लिए अवसरवादियों को हराकर सबक सिखाना आवश्यक है क्योंकि इन्होंने चंबल घाटी को कलंकित किया है।

जनता के सम्मान को वापस लौटाना है

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि कांग्रेस में टिकट को लेकर कोई मारामारी नही हैं पर यह भी सही हैं कि टिकट मांगने वाले अधिक हैं और यही लोकतंत्र की विशेषता है, चूंकि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है इसलिए यहाँ सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन अभी हम कार्यकर्ता की बात सुनने और उनकी भावना को समझने आये है टिकट का फैसला सर्वे के आधार पर पार्टी हाईकमान को करना है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं यहाँ पूर्व मंत्री या विधायक की हैसियत से नहीं आया। मैं पार्टी का तीन रुपये की सदस्यता शुल्क वाला कार्यकर्ता हूँ। मेरे आने का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। उन्होंने कहा कि ये उपचुनाव क्षेत्र की जनता के साथ हुए धोखे और अपमान का है। कांग्रेस ग्वालियर चंबल संभाग में जनता के सम्मान को वापस दिलायेगी।

सिंधिया हमारे लिए चुनौती नहीं

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े सवाल पर पूर्व मंत्री तरुण भनोट ने सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदरणीय सिंधिया जी की राजनैतिक विचारधारा और दल अलग है, हमारा अलग। वे अपनी बात करेंगे हम अपनी बात करेंगे। ना वो हमारे लिए चुनौती हैं और ना हम उनके लिए चुनौती हैं। वो अपनी पार्टी और संगठन की बात करेंगे जबकि हम कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और अपनी पार्टी के नीति सिद्धांत और संगठन के बल पर जनता के बीच जाएंगे और फैसला जनता करेगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि ये उपचुनाव क्यों और किसके कारण हो रहे हैं जनता सब समझती है जिसका सबक वो उप चुनाव में सिखायेगी।

बरैया का अपमान हमने नहीं भाजपा ने किया

कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री तरुण भनोट ने राज्य सभा के दलित उम्मीदवार के अपमान के सवाल पर कहा कि फूलसिंह बरैया का अपमान कांग्रेस ने नहीं भाजपा ने किया है । उन्होंने कहा कि जब राज्यसभा चुनावों की घोषणा हुई थी उस समय कांग्रेस के पास 123 विधायक थे और हमारे दोनों प्रत्याशी जीतते और राज्यसभा में जाते लेकिन बीजेपी ने खरीद फरोख्त की और कांग्रेस सरकार गिरा दी, विधायकों को पाला बदलने पर मजबूर कर दिया । अब आप ही बताइये कि दलित विरोधी कौन है?

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews