ग्वालियर के एक मकान में भीषण आग, 5 की मौत की सूचना, रेस्क्यू जारी

ग्वालियर के एक मकान में भीषण आग, 5 की मौत की सूचना, रेस्क्यू जारी

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

इंदरगंज चौराहे के पास रोशनी घर रोड पर स्थित एक घर में अचानक आग लग गई। आग घर के निचले हिस्से मे रखे रंग और अन्य कैमिकल में इतनी तेजी से फैली की घर की ऊपरी मंजिल में रह रहे परिवार उसमें घिर गए। घर शहर के प्रसिद्ध रंगवाला हाउस परिवार के हरि ओम गोयल का बताया गया है। आग लगने से आसपास के घरों और रोशनी घर रोड पर चीख पुकार मच गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। एक एक कर फायर ब्रिगेड की गाडियाँ आग बुझाने दौड़ी। गाड़ियों ने आग पर पानी फेंकना शुरू किया साथ ही पुलिस की मदद से रेस्क्यू ओपरेशन शुरू किया। चीख पुकार के बीच मालूम चला कि घर के अंदर परिबार के महिला और बच्चों सहित कई लोग फंसे है लेकिन जब तक उन्हें बचाया जाता वे बुरी तरह झुलस चुके थे। जब उनके शव निकाले जा रहे थे तो वहाँ चीख पुकार मच गई। खबर लिखे जाने तक करीब पांच लोगों की मौत की सूचना मिली है हालांकि प्रशासन अभी अस्पताल की पुष्टि का इंतजार कर रहा है। करीब पांच लोगों के ही गंभीर घायल हीन की भी खबर है इन्हें मकान को तोड़कर पिछले हिस्से से निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगम आयुक्त संदीप माकिन, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन सहित सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, विधायक प्रवीण पाठक सहित अन्य जन प्रतिनिधि मौके पर पहुँच गए। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू ओपरेशन जारी था।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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