मैरिज गार्डन में बेख़ौफ़ कर रहे थे नाबालिग की शादी, एक फोन कॉल ने किया भांडा फोड़

मैरिज गार्डन में बेख़ौफ़ कर रहे थे नाबालिग की शादी, एक फोन कॉल ने किया भांडा फोड़

Gwalior News : बाल विवाह यानि नाबालिग की शादी अपराध है ये सभी जानते हैं बावजूद इसके कुछ लोग इसे नजर अंदाज कर देते हैं, खास बात ये है कि अब तक सामूहिक विवाह समारोहों में इस तरह की शिकायतें आती है और फिर प्रशासन और पुलिस मिलकर एक्शन लेते हैं लेकिन ग्वालियर में एक मैरिज गार्डन में एक नाबालिग की शादी की बात सामने आई और एक शिकायत के बाद पुलिस ने इसपर एक्शन लिया।

ग्वालियर में सिरोल थाना क्षेत्र में स्थित आस्था मैरिज गार्डन में बीती रात एक विवाह समारोह था, वधु पक्ष बारात का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा था लेकिन कई घंटे गुजर जाने के बाद भी बारात नहीं पहुंची लेकिन पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम जरूर पहुँच गई। चाइल्ड लाइन और पुलिस ने वधु पक्ष से दुल्हन के जन्म संबंधी दस्तावेज मांगे लेकिन परिजन उपलब्ध नहीं करा सके, जिसके बाद पुलिस ने वधु को हिरासत में लेकर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया ।

दरअसल ग्राम बेहट की रहने वाली करीब 15 साल की नाबालिग की शादी उसके परिजन ग्वालियर शहर के रहने वाले एक 24 वर्षीय युवक से करा रहे थे, नाबलिग की शादी की बात बाहर आने के बाद किसी जागरूक ने चाइल्ड लाइन को इसकी सूचना दी, चाइल्ड लाइन ग्वालियर के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर राजेन्द्र सोनी ने कहा कि फोन आत एही हमारी टीम एक्टिव हुई, सिरोल थाने को सूचना दी और मैरिज गार्डन पहुँच गए और फिर एक्शन लिया।

उन्होंने कहा कि परिजनों से लड़की की उम्र से सम्बंधित दस्तावेज मांगे हैं, यदि वे नहीं दिखाते हैं तो लड़की को CWC के सामने पेश कर उम्र संबंधी मेडिकल टेस्ट की अनुमति लेकर उसे कराया जायेगा जिससे उसकी सही उम्र का पता चल सकेगा। उधर एसपी अमित सांघी ने कहा कि यदि लड़की नाबालिग प्रमाणित होती है तो उसकी शादी कराने के अपराध में जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी ।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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