ग्वालियर न्यू एयरपोर्ट पर काम कर रहा मजदूर करीब 50 फीट ऊंचाई से नीचे गिरा, हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती, साथी बोले- बिना सुरक्षा उपकरण के लेते हैं काम

Gwalior News

Gwalior New Airport : ग्वालियर में करोड़ों रुपये की लागत से नए एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है, लोकसभा चुनावों से पहले इसे जनता के उपयोग के लिए खोल दिया जायेगा, लक्ष्य नजदीक होने के कारण काम बहुत तेजी से चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों की लापरवाही के कारण मजदूर घायल हो रहे हैं, आज एक मजदूर करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिरकर घायल हो गया जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ हादसा ?

ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन एयरपोर्ट पर काम कर रहा एक मजदूर आज गिरकर घायल हो गया, जब वो काम कर रहा था तब करीब वो 50 फीट की ऊंचाई पर था, उसका संतुलन बिगड़ गया और वो नीचे गिर गया, उसके साथियों ने तत्काल उसकी मदद की और बिरला अस्पताल लेकर भागे, जहाँ उसे गंभीर हालत में ICU में भर्ती कराया, उसके कई जगह फ्रेक्चर हुए है।

मजदूरों ने ठेकेदार पर क्या आरोप लगाये?

घायल मजदूर का नाम भोकम है और वो मुरैना जिले के जौरा कसबे का रहने वाला है , उसके साथी और भाई राजू ने मीडिया को बताया कि आज जब काम शुरू हुआ तो ठेकेदार में बिना कोई सुरक्षा उपकरणों के भोकम और हम सबको उंचाई पर चढ़ा दिया, हमने रस्सा मांगा तो बोला तो ऐसे ही खींचो, उसने बताया कि कोई सेफ्टी नहीं है हम लोगों की, सुबह बिना कुछ समझाए काम लेना शुरू कर देते हैं, और जब हादसा हुआ तो सब भाग गए।

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उधर हादसे की सूचना मिलते ही महाराज पुरा थाना टी आई हितेंद्र राठौर एयरपोर्ट पहुंचे उन्होंने वहां पूछताछ की प्रोजेक्ट मैनेजर से उन्होंने हादसे की जानकारी ली और घायल को देखने बिरला अस्पताल चले गए, उन्होंने कहा कि पहले घायल की हालत देखना है उसके बयान लिए जायेंगे उसके बाद ही आगे कुछ बता पाउँगा।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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