कृषि मंत्री की अफसरों को सलाह, किसानों को परंपरागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसलें लेने प्रोत्साहित करें

कृषि मंत्री की अफसरों को सलाह, किसानों को परंपरागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसलें लेने प्रोत्साहित करें

ग्वालियर। अतुल सक्सेना।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सचिन सुभाष यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभागों के कृषि एवं उद्यानिकी विभागों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को परंपरागत फसलें लेने के साथ उद्यानिकी एवं फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे कृषकों को कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों से अतिरिक्त आय हो सके।

मंत्री सचिन सुभाष यादव मंगलवार को ग्वालियर में होटल तानसेन रेसीडेंसी में ग्वालियर एवं चंबल संभागों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की जानकारी लेते हुए कहा कि दोनों संभागों के किसानों को परंपरागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों के रूप में फल, फूल एवं औषधि फसलें लेने हेतु प्रोत्साहित करें। इन फसलों को लेने हेतु शासन से मिलने वाली सुविधाओं की भी किसानों को जानकारी दें। उन्होंने अधिकारियों को उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ-साथ संभाग के जिलों में पैदा होने वाले फलों एवं सब्जियों पर आधारित प्रसंस्करण संयंत्र लगाने हेतु संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री यादव ने शिवपुरी जिले के फूड पार्क में संचालित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए इस पार्क का किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। श्री यादव ने मुरैना में स्थित उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला पर चर्चा करते हुए प्रयोगशाला के क्रियाशील न होने के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने जिलों में संचालित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रयोगशालायें शुरू हो जाऐं और किसानों को इन प्रयोगशालाओं में मिट्टी परीक्षण कराने हेतु प्रेरित करें। श्री यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद-बीज, कीटनाशक दवाओं के लिए गए नमूना में से विश्लेषण के दौरान पाए गए 17 अमानक नमूनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली। बैठक में जिलेवार बोई गई रबी की फसलें एवं होने वाले उत्पादन, यूरिया वितरण, कृषकों का प्रशिक्षण जय किसान फसल ऋण माफी योजना के द्वितीय चरण में लाभान्वित होने वाले किसानों की जानकारी लेते हुए सम्मेलनों की भी चर्चा की।

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