नाराज वन अधिकारियों – कर्मचारियों ने DFO ऑफिस में जमा कराये हथियार, कही बड़ी बात

नाराज वन अधिकारियों – कर्मचारियों ने DFO ऑफिस में जमा कराये हथियार, कही बड़ी बात

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। विदिशा जिले के लटेरी में हुई घटना को लेकर वन विभाग (Forest department) के अधिकारी और कमर्चारी आक्रोशित हैं। बिना कोई जांच किये डिप्टी रेंजर के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर जेल में बंद किये जाने से नाराज ग्वालियर वन मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आज डीएफओ कार्यालय में अपने हथियार जमा करा (Forest officers employees deposited weapons)  दिए।

ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित डीएफओ कार्यालय पर आज बड़ी संख्या में वन अधिकारी और कर्मचारी अपने हथियार जमा कराने पहुंचे। उन्हें कार्यालय में अपने अपने हथियार वापस करते हुए जमा करा दिए (Forest officers employees returned their weapons) । घाटीगांव गेम रेंज की रेंजर साधना चौहान ने कहा कि इन हथियारों को अपने पास रखकर हम क्या करेंगे जब हम आत्मरक्षार्थ भी हम इसे नहीं चला सकते।

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दर असल पिछले दिनों वन अपराध और वन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में अपराधी की मौत हो गई थी।  स्थानीय पुलिस ने इस मामले में डिप्टी रेंजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज का रुसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया (Lateri Deputy Ranger FIR case)। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने ना कोई जांच की ना मजिस्ट्रियल जांच हुई। ये अन्याय है , वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसी बात को लेकर नाराजगी है।

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गौरतलब है कि वन अपराध को रोकने के लिए सरकार ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों को हथियार दिए है, जिसका उपयोग वे कर सकते हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि हम सिर्फ हवाई फायर कर सकते हैं, लेकिन यदि यदि आत्मरक्षा के लिए गोली चलनी पड़े और कोई घटना हो जाये तो पहले जांच होगी फिर एक्शन, लेकिन विदिशा पुलिस ने लटेरी में ऐसा नहीं किया।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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