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बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर भारी आक्रोश, सकल हिंदू समाज ने ग्वालियर में दिया धरना, मोदी सरकार से की ये बड़ी मांग

Written by:Atul Saxena
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धरने में शामिल बुद्धिजीवियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता सिर्फ एक देश का मामला नहं है अब ये विषय अंतर राष्ट्रीय हो चुका है इसलिए मानव अधिकार आयोग जैसे संगठनों को आगे आकर हिंदुओं की रक्षा के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए। 
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर भारी आक्रोश, सकल हिंदू समाज ने ग्वालियर में दिया धरना, मोदी सरकार से की ये बड़ी मांग

Atrocities on Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं, सिखों पर हो रहे अत्याचार, महिलाओं के साथ हो रही बर्बरता से भारत में भारी गुस्सा है, इसके खिलाफ भारत का हिंदू समाज उठ खड़ा हुआ है और भारत सरकार से अनुरोध कर रहा है कि वो इसमें हस्तक्षेप करे और हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को रोके।

आज ग्वालियर में सकल हिंदू समाज ने एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया जिसमें कई हजार महिला पुरुष शामिल हुए, हाथों ने कई तरह के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर बैठे लोग हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार पर अपना आक्रोश जता रहे थे, धरना प्रदर्शन में संत समाज ने भी हिस्सा लिया, आक्रोशित लोगों ने कहा कि बिना किसी अपराध के बांग्लादेश में अत्यचार हो रहा है और पूरा विश्व चुप बैठा है इसे स्वीकार नहीं किया जायेगा।

मानव अधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग 

शहर के सबसे व्यस्त चौराहे फूलबाग चौराहे पर हुए इस धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने मोदी सरकार के नाम एक ज्ञापन भी स्थानीय प्रशासन के अधिकारी को सौंपा , धरने में शामिल बुद्धिजीवियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता सिर्फ एक देश का मामला नहं है अब ये विषय अंतर राष्ट्रीय हो चुका है इसलिए मानव अधिकार आयोग जैसे संगठनों को आगे आकर हिंदुओं की रक्षा के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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