Audio Viral : गाड़ियां पास कराने आरक्षक ने मांगी रिश्वत, एसपी ने किया Suspend

20 कर्मचारी निलंबित टीकमगढ़

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद भी प्रदेश में रिश्वत का खुला खेल जारी है, ना तो सरकारी ऑफिसों में बैठे अधिकारी कर्मचारी रिश्वत लेने से चूक रहे हैं और ना ही पुलिस।  पुलिस तो बाकायदा अधिकार के साथ रिश्वत मांगती है और उसे या तो सीधे लेती या फिर एक निर्धारित जगह या व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए बोल देती है। ग्वालियर में एक ऐसा ही ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें रिश्वत का खेल उजागर हुआ है।  ऑडियो वायरल होने के बाद एसपी ने एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है।

ओवरलोडिंग और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश सरकार ने दे रखें हैं, इसके लिए चैकिंग पॉइंट्स पर पुलिस तैनात रहती है लेकिन पुलिस कैसे माफिया और ओवरलोडिंग कर सरकार के राजस्व को चूना लगाने वालों से गठजोड़ करती है  इसका उदाहरण सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो है।

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बुधवार शाम को ग्वालियर में एक ऑडियो वायरल हुआ उसमें एक व्यक्ति किसी राकेश नामक व्यक्ति से बिलौआ क्रेशर मार्केट से गिट्टी भरकर निकलने वाले तीन डम्परों की एवज में 6 हजार रुपये देने की बात कर रहा है। बातचीत  दौरान तय हो जाता है कि गिट्टी से भरे तीन डम्परों को पास करने की एवज में 6 हजार रुपये रंगमहल होटल पर दे दिए जाएँ।

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बताया जा रहा है कि ये ऑडियो सिरोल थाने के आरक्षक का है, आरक्षक का नाम राकेश मीणा बताया जा रहा है, ऑडियो वायरल होते ही ये एसपी अमित सांघी के पास के पास भी पहुंचा, उन्होंने सीएसपी को इसकी जाँच कराने के निर्देश दिए उनकी जाँच के बाद आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है साथ ही थाना प्रभारी को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है उनका जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही तय होगी।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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