IPO के नाम पर ठगी करने वाली ऑनलाइन गैंग सक्रिय, रहें सावधान, ग्वालियर में ठग लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये

व्यवहार में अंतर देखकर पहली बार जितेन्द्र को लगा कि कोई गड़बड़ तो नहीं है। जितेन्द्र को लगा कि शायद बैंक से कोई मदद हो जाए यह सोचकर वह आईसीआईसीआई बैंक गया। बैंक जाते ही उनका जोर का झटका लगा,  आईसीआईसीआई बैंक के अफसरों ने कहा कि यह तो हमारा एप है ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह तो कोई डुप्लीकेट एप है और आपके साथ फ्रॉड हो गया है। तब जितेन्द्र को एहसास हुआ कि मेरे साथ बड़ी धोखाधड़ी हो गई है।
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Fraud in the name of IPO in Gwalior : ऑनलाइन ठगी करने वाले लोग अब ऐसे लोगों को भी निशाना बन रहे हैं जो शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने में रुचि रखते हैं, ग्वालियर में ऐसी ही एक ठगी हुई है, व्हाट्स एप ग्रुप के मैसेज के आधार पर  एक व्यकरी ने IPO में 27 लाख रुपये से ज्यादा इन्वेस्ट किये, फायदा हुआ तो दूसरे IPO में लगा दिए, पैसा बढ़कर साढ़े तीन करोड़ हुआ तो कुछ नहीं मिला, अब व्यक्ति पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं।

व्हाट्स एप पर भेजा लिंक 

जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम में रहने वाले जितेन्द्र तिवारी व्यापारी हैं 4 फरवरी को उनके मोबाइल के व्हाट्सएप पर ICICI सिक्युरिटीज NSE BSE 302 नामक ग्रुप से एक लिंक आई, चूँकि उनका एकाउंट भी ICICI बैंक में ही है इसलिए उन्होंने ग्रुप को ज्वाइन कर लिया और फिर उनके पास शेयर से संबंधित मैसेज आने लगे।

प्रॉफिट दिखाकर फंसाया जाल में 

कुछ दिन बाद उन्होंने इस ग्रुप में दिए गया एप डाउनलोड कर लिया फिर कुछ शेयर ख़रीदे और बेचे भी जिसका उन्हें प्रॉफिट के साथ पूरा पैसा मिला। विश्वास में लेने के बाद जितेन्द्र को शेयर बाजार के आईपीओ में पैसा लगवाने की सलाह दी गयी, चूँकि पहले जितेन्द्र को प्रॉफिट मिल चुका था तो जितेन्द्र ने आईपीओ के लिए हाँ कर दी, ठगों ने उससे अलग अलग एकाउंट में 27 लाख 71 हजार 800 रुपये जमा करवा लिए, ये कैश उनके डीमेट एकाउंट में दिख भी रहा था, जब आईपीओ की लिस्टिंग डेट आई तो उनकी रकम और प्रॉफिट दिखाई दिया।

रकम बढ़कर साढ़े तीन करोड़ हुई तो बदल गई नीयत 

फायदा होता देख ठगों ने ये शेयर बेचकर दूसरे IPO में पैसा  लगाने की सलाह दी और जितेन्द्र ने वैसा ही किया। दूसरी कंपनी के IPO लिस्टिंग के बाद पैसा प्रॉफिट सहित  3 करोड़ 34 लाख 9540 रुपए हो गया, अच्छा फायदा होने पर जितेन्द्र ने सारे शेयर बेच दिए और पैसे निकालना चाहे तो वहां से मैसेज आया कि आप यह पैसा नहीं निकाल सकते, इस पर जितेन्द्र ने पूछा क्यों नहीं निकाल सकता तो बोला गया कि आपको 15% एडवांस टैक्स जमा करना पड़ेगा। इसके बाद जितेन्द्र बार-बार निवेदन करता रहा पर उन लोगों ने पैसा निकालने नहीं दिया।

बैंक ने कहा कि ये हमारा एप नहीं तो उड़ गए होश, पुलिस में की शिकायत 

व्यवहार में अंतर देखकर पहली बार जितेन्द्र को लगा कि कोई गड़बड़ तो नहीं है। जितेन्द्र को लगा कि शायद बैंक से कोई मदद हो जाए यह सोचकर वह आईसीआईसीआई बैंक गया। बैंक जाते ही उनका जोर का झटका लगा,  आईसीआईसीआई बैंक के अफसरों ने कहा कि यह तो हमारा एप है ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह तो कोई डुप्लीकेट एप है और आपके साथ फ्रॉड हो गया है। तब जितेन्द्र को एहसास हुआ कि मेरे साथ बड़ी धोखाधड़ी हो गई है।

पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश 

इसके बाद जितेन्द्र तिवारी एसपी ऑफिस पहुंचे क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। जिन खातों में उन्होंने कैश ट्रांजेक्शन किए हैं वह सभी बाहर के हैं। उनकी डिटेल भी पुलिस को दी है, डीएसपी अशोक जादौन ने कहा कि हमारे पास ये आवेदन आया है हम तकनीकी आधार पर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।  हमारा आपसे अनुरोध है यदि आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो पहले ये अच्छे से जाँच परख लें कि आप जिसके माध्यम से पैसा लगा रहे हैं वो विश्वास करने योग्य है कि नहीं तभी पैसा लगायें वर्ना कहीं आप भी ऑनलाइन ठगी का शिकार ना हो सकते हैं इसलिए सावधान और सतर्क रहें ।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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