Gwalior News : अब नगर निगम के इस अधिकारी पर रिश्वत के आरोप, SP तक पहुंची शिकायत

Gwalior News : अब नगर निगम के इस अधिकारी पर रिश्वत के आरोप, SP तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। पूर्व सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते ट्रैप होने के बाद से नगर निगम ग्वालियर (Municipal Corporation Gwalior) में भ्रष्ट अधिकारियों (Corrupt officials) के एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। कर संग्राहक योगेंद्र श्रीवास्तव के खुले आम रिश्वत (Bribe) मांगते वीडियो वायरल (Video Viral) के बाद सहायक आयुक्त संपत्ति कर नागेंद्र गुर्जर का अभद्र भाषा और रिश्वत की बात करता ऑडियो बाहर (Audio Viral) आया। अब सफाई संरक्षकों ने अपर आयुक्त पर रिश्वत के आरोप लगाए हैं।

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एसपी (Gwalior SP) को शपथ पत्र के साथ शिकायत करने पहुंचे सफाई संरक्षकों ने आरोप लगाए दो कर्मचारियों ने उन्हें अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव (Additional Commissioner Rajesh Srivastava) के नाम पर पैसे लेकर नियुक्ति पत्र दिलवाये।हम फरवरी 2020 से नौकरी कर रहे हैं और आज तक वेतन नहीं मिला। अब मालूम चला कि नियुक्ति पत्र ही फर्जी है।

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ग्वालियर नगर निगम में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। इस बार आरोप अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव पर लगे हैं। 6 सफाई संरक्षकों ने पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को शपथ पत्र पर शिकायती आवेदन देते हुए कहा कि वार्ड हेल्थ ऑफिसर (WHO) राकेश करोसिया और ओम प्रकाश बाथम ने किसी से 25 तो किसी से 45 तो किसी से 60 हजार रुपये लिए और हमारे सामने रुपये लिफ़ाफे में डालकर अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को दिये। उसके बाद 24 फरवरी 2020 को नियुक्ति पत्र देकर वार्ड 18 में हमारी ड्यूटी लगा दी। हम तभी से काम कर रहे हैं लेकिन आज तक एक भी रुपया वेतन के रूप में नहीं मिला।

उपायुक्त ने कहा फर्जी हैं नियुक्ति पत्र

जब लंबी समय तक सफाई संरक्षकों को वेतन नहीं मिला तो वे नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने लगे। जब से उपायुक्त स्वास्थ्य विभाग सतपाल सिंह चौहान से मिले और अपनी समस्या बताई तो उन्होंने नियुक्ति पत्र देखकर बताया कि वे तो फर्जी है। सफाई संरक्षकों मे बताया कि अपने साथ हुई धोखा धड़ी के बाद जब हम लोगों ने राकेश करोसिया और ओमप्रकाश बाथम से मिले तो उन लोगों ने गाली गलौज की और कहा कि पैसा, वेतन और नियुक्ति पत्र सब भूल जाओ वरना खुद फस जाओगे।

एसपी से मिलने पहुंचे, दर्ज कराई शिकायत

नगर निगम आयुक्त कार्यालय के नाम पर 24 फरवरी को 6 और 25 फरवरी को 2 सफाई संरक्षकों के नियुक्ति पत्र निकाले गए और सभी को वार्ड 18 में नियुक्त किया गया। 8 में 6 सफाई संरक्षकों प्रकाश सिंह, लक्ष्मी, रचना, मालती, प्रीति और हेमंत ने एसपी को शपथ पत्र देकर जांच की मांग की है। एसपी ऑफिस पहुंचे एक और सफाई संरक्षक संगीता ने तो नियुक्ति के बदले 60,000 रुपये लिए जाने की शिकायत की है।

अपर आयुक्त ने किया इंकार

उधर अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। शिकायत करने वाले लोग कभी उनसे आकर मिले ही नहीं हैं। हस्ताक्षर भी उनके नहीं है। फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद प्रभारी निगम आयुक्त नरोत्तम भार्गव ने राजेश श्रीवास्तव से सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभार छीन लिया है

एसपी ने कहा- जांच कराएंगे

एसपी अमित सांघी (Gwalior SP Amit Sanghi) ने कहा कि कुछ सफाई संरक्षकों ने मुझसे पैसे लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने की शिकायत की है। चूंकि मामला नगर निगम का है तो इसमे नगर निगम जांच करेगी, वहीं धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस (Gwalior Police) जांच करेगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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