पार्किंग की जगह बिल्डर ने बनाई 18 दुकानें, ग्वालियर नगर निगम ने चलाया बुलडोजर, सड़क पर खड़ी की दीवार भी तोड़ी

नगर निगम से प्राप्त अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर वार्ड 21 में 18 दुकानों एवं थौराट की गोठ में रोड़ पर बनी दीवाल पर ग्वालियर नगर निगम के अफसरों ने बुलडोजर चलाया।
Gwalior Municipal Corporation demolished illegal construction

Gwalior Municipal Corporation demolished illegal construction

ग्वालियर नगर निगम के नए कमिश्नर अभिषेक चौधरी के तेवर बहुत कड़े हैं, ऑफिस में अधिकारियों के साथ काम की समीक्षा, विभागों की बैठकों के अलावा फील्ड में निरीक्षण उनका रुटीन बन गया है, निगम में आंख बंद करे बैठे अफसरों की उन्होंने नींद उड़ा दी है यही वजह है कि अब अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जा रही है

नगर निगम के मुताबिक यहाँ बिल्डर मोहन बांदिल और ऋषभ जैन मिलकर एक बिल्डिंग बना रहे हैं, जिसमें सबसे नीचे वाहन पार्किंग के लिए उन्होंने नगर निगम से अनुमति ली थी मगर उन्होंने वे इस्तेमाल कमर्शियल रूप में करने के लिए वहां 18 दुकानों का निर्माण कर रहे थे , शिकायत  के बाद नर निगम ने बिल्डर को नोटिस थमाया लेकिन बिल्डर एन दुकाने नहीं तोड़ी।

पार्किंग की अनुमति पर बनाई 18 दुकानें तोड़ीं 

जब बिल्डर ने दुकाने नहीं हटाई तो ग्वालियर नगर निगम का मदाखलत अमला आज वार्ड क्रमांक 21 की बैंक कॉलोनी पहुंच गया, यहाँ उसे दुकानों में कंस्ट्रक्शन दिखाई दिया जिसपर नगर निगम ने बुलडोजर चला दिया और अनुमति के विपरीत पार्किंग की जगह बनाई गई  सभी 18 दुकानों को गिरा दिया।

सड़क घेरकर बनी दीवार गिराई 

इसी तरह नगर निगम को ग्वालियर पूर्व विधानसभा में माधव प्लाजा के सामने थौराट की गोठ में रोड़ पर एक दीवार बनाये जाने की शिकायत मिली थी, मदाखलत की टीम वहां पहुंची और दीवार को हथौड़ा मारकर गिरा दिया। मदाखलत टीम ने मुरार बारादरी से सदर बाजार अग्रसेन चौराहा गणेश मंदिर गर्म सड़क गर्ल्स कॉलेज तक यातायात में बाधक बन रहे हाथ ठेले, फुटपाथियों, दुकानदारों के सामान को हटवाया और जब्त सामान को मदाखलत कार्यालय पर जमा किया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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