‘चरणवंदना’ पर बोले कैबिनेट मंत्री-पता नहीं क्यों उल्टे काम करते हैं तोमर

‘चरणवंदना’ पर बोले कैबिनेट मंत्री-पता नहीं क्यों उल्टे काम करते हैं तोमर

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

नगर निगम अधिकारियों के साथ बीच बैठक में एक सब इंजीनियर के पैर छूने वाले खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को नसीहत देते हुए पशुपालन मंत्री लाखन सिंह ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पता नहीं क्यों वे उल्टा सीधा काम करते हैं, हम कैबिनेट मंत्री हैं, जो काम नहीं करे उस सस्पेंड करें ना कि पैर छूएं।

कभी सफाई के लिए तो कभी विकास कार्यों के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों के पैर छूने वाले खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भले ही से उचित मानते हों लेकिन जिले के ही दूसरे मंत्री इसे गलत मानते है। प्रदेश के पशुपालन मंत्री एवं प्रद्युम्न सिंह तोमर के मित्र लाखन सिंह यादव उनके पैर छूने को अनुचित मानते है उन्होंने चुनिंदा पत्रकारों से बात करते हैं कहा कि पता नहीं प्रद्युम्न भाई ऐसे उल्टे सीधे काम क्यों करते हैं? कल वो मुझे मिले थे मैंने उन्हें समझाया भी था कि बार बार नाले में उतरकर खुद सफाई क्यों करते हो पैर क्यों छूते हो। पशुपालन मंत्री ने कहा कि मैंने उन्हें। समझाया हम सत्ता में हैं, सरकार चला रहे हैं, कैबिनेट मंत्री हैं, जो अधिकारी कर्मचारी काम नहीं करे उसे पहले समझाओ नहीं माने तो नोटिस दो उसके बाद भी नहीं माने तो सस्पेंड करवाओ। हम पैर छूने थोड़े आये हैं। उन्होंने कहा कि पैर छूना तो मेरे विवेक से पूरी तरह गलत है। उधर खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी बात को गलत नहीं मानते उन्होंने मंत्री लाखन सिंह की बात पर कहा कि मैं सबका सम्मान करता हूँ चाहे वो कर्मचारी ही क्यों ना हो। मैं यहाँ सेवा करने आया हूँ और मुझे सफाई करने में कोई परेशानी नहीं है।।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews