चीतों की संख्या पर सियासत, कांग्रेस ने सर्वदलीय जांच समिति की मांग, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने किया पलटवार

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मध्य प्रदेश यत्र पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि हम उनका पलक पांवड़े बिछाकर अभिनन्दन स्वागत करते हैं।
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मध्य प्रदेश की धरती को अपना घर मानने वाले चीतों पर अब सियासत शुरू हो गई है, प्रदेश के श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में चल रहा भारत का चीता प्रोजेक्ट केंद्र की मोदी सरकार और मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार की नजरों में सफल है, लेकिन कांग्रेस इसपर सवाल उठा रही है।

ग्वालियर पूर्व विधानसभा के कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार ने चीतों की वास्तविक संख्या को लेकर सवाल उठाये हैं, उन्होंने वन मंत्री को पत्र लिखकर कूनो नेशनल पार्क में मौजूद चीतों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लाइट सर्वदलीय जांच समिति बनाने की मांग की है, कांग्रेस विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कूनो के अधिअकरी चीतों का शिकार करा रहे हैं और करोड़ों रुपये का सौदा कर वहां भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बोले- कांग्रेस अनर्गल बातें करती है

कांग्रेस विधायक की मांग को सरकार ने सिरे से ख़ारिज कर दिया है, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से जब मीडिया ने कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार की मांग पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कांग्रेस अनर्गल बातें करती है और विचलित हो रही है मुझे इसपर कुछ नहीं कहना। राहुल गांधी द्वारा नीट परीक्षा सहित अन्य परीक्षाओं को लेकर दिए जा रहे बयानों के सवाल पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि उनके बयानों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।

रानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेले में शामिल होना मेरा सौभाग्य: देवड़ा 

बता दें उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ग्वालियर में आयोजित रानी लक्ष्मी बाई बलिदान मेला में शामिल होने आये हैं, उन्होंने कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आयोजन प्रमुख, वरिष्ठ नेता मप्र वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया को धन्यवाद दिया।   देवड़ा ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे उन चरणों में नमन करने का अवसर मिला जिन्होएँ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, रानी लक्ष्मीबाई को मेरा नमन है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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