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सर्दी से बच्चों को मिलेगी राहत, कल से छुट्टी, अब नए साल में 5 जनवरी को खुलेंगे स्कूल, आंगनवाड़ी में भी अवकाश

Written by:Atul Saxena
Published:
30 दिसंबर को जिले के स्कूलों में और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा, 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक शासन ने शीतकालीन अवकाश घोषित किया है, 4 जनवरी को रविवार की छुट्टी है, इसलिए अब स्कूल नए साल में 5 जनवरी को खुलेंगे। 
सर्दी से बच्चों को मिलेगी राहत, कल से छुट्टी, अब नए साल में 5 जनवरी को खुलेंगे स्कूल, आंगनवाड़ी में भी अवकाश

school closed

मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, अधिकांश जिले शीतलहर की चपेट में है, ग्वालियर में भी ठंडी हवाएं चल रही है , कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया है, न्यूनतम तापमान और नीचे जा रहा है,  रविवार रात से शुरू हुआ कोहरा सोमवार को दिनभर छाया रहा, सूरज की किरणों में बिलकुल भी तेजी नहीं रही, ऐसे मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने कल 30 दिसंबर को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश की घोषणा की है।

ग्वालियर जिले में संचालित स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है कल से उन्हें कड़ाकेदार सर्दी में सुबह स्कूल के लिए जल्दी उठने की जरुरत नहीं है, जिला कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने 30 दिसंबर की छुट्टी घोषित कर दी है।

अब 5 जनवरी को खुलेंगे सभी स्कूल 

ग्वालियर जिला प्रशासन के निर्देश पर कल 30 दिसंबर को जिले के स्कूलों में और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा यानि कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे, जिला शिक्षा अधिकारी ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए है, उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक शासन ने शीतकालीन अवकाश घोषित किया है, 4 जनवरी को रविवार की छुट्टी है, इसलिए अब स्कूल नए साल में 5 जनवरी को खुलेंगे।

मंगलवार को आंगनवाड़ी भी नहीं खुलेंगी 

उधर महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी सर्दी से छोटे बच्चों को बचाने के लिए कल 30 दिसम्बर की छुट्टी घोषित की है, यानि कल मंगलवार 30 दिसंबर को जिले में संचालित कोई भी आंगनवाड़ी नहीं खुलेगी।  इस आदेश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।

 

 

 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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