डिजिटल म्यूजियम में शहर के हुनर को मिलेगी जगह, कलाकारों से कलाकृतियां आमंत्रित

डिजिटल म्यूजियम में शहर के हुनर को मिलेगी जगह, कलाकारों से कलाकृतियां आमंत्रित

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

ग्वालियर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल म्यूजियम में स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने हेतु उनकी कलाकृतियों को जगह दी जायेगी। यह जानकारी ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल म्यूजियम में एक डिजिटल वॉल का प्रावधान है जहां हेरिटिज थीम पर आधारित चित्रों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें केव आर्ट, प्री हिस्टोरिक आर्ट आदि ऐब्स्ट्रैक्ट आर्ट शामिल रहेंगे। स्मार्ट सिटी का एक उद्देश्य स्थानीय कलाकारों के हुनर को पहचान दिलाना भी है तथा इस प्रतिस्पर्धा के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा।

सीईओ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इच्छुक कलाकार https://forms.gle/tQroNP2Sac1rMiSz6 पर जाकर अपनी कला को 15 अगस्त 2020 तक सब्मिट कर सकते हैं।
इस प्रतियोगिता में शहर के कलाकार स्वयं तैयार किये चित्रों को ग्वालियर स्मार्ट सिटी की वेबसाईट के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। ये चित्र फ़िज़िकल अथवा डिजिटल दोनों प्रारूप में हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी महाराज बाड़ा स्थित स्काउट एंड गाइड बिल्डिंग को डिजिटल म्यूजियम के रूप में विकसित कर रहा है। इस म्यूजियम में आर्ट गैलरी का भी प्रावधान है जहां आईटी उपकरणों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की कला प्रदर्शित की जाएगी। यह म्यूजियम निम्न मोड्यूल के आधार पर तैयार किया जा रहा है: समयरेखा, ग्वालियर का इतिहास, स्थापत्य शैली, ग्वालियर के वस्तु तत्व, परिधान, जीवनशैली, अवकाश के खेल, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, पाक, भोजन व व्यंजन, सांस्कृतिक परम्परा, चित्रकारी, फ़ोटोग्राफ़ी तथा इमेजिनेरियम। इस संग्रहालय को इंटरएक्टिव टच वीडियो पैनल, वीआर हेडसेट, सूचना प्रदर्शन मुद्रित पैनल, मीडिया कियोस्क, मीडिया वाल, वर्चुअल मिरर, इंटरएक्टिव मीडिया वॉल आदि जैसे आधुनिक आईटी उपकरणों से सुसज्जित किया जायेगा । यहाँ आने वाले सैलानियों को ग्वालियर के स्वर्णिम इतिहास को वर्चूअल रीऐलिटी के माध्यम से रुबरु कराया जायेगा। इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि जल्द ही डिजिटल संग्रहालय का कार्य पूर्ण कर इसका लोकार्पण किया जायेगा।

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