CM Helpline : शिकायतों के निराकरण में लापरवाह ठेकेदार पर 49 हजार रुपये का जुर्माना, फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी

Gwalior Municipal Corporation
Gwalior News : सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline ) की शिकायतों के निराकरण को लेकर शासन के सख्त निर्देश हैं, लापरवाही करने वालों को कड़ी सजा की चेतावनी है और सरकार एक्शन भी ले रही है लेकिन उसके बाद भी शिकायतों के निराकरण में कई बार लापरवाही की बातें सामने आती है, ग्वालियर में एक लापरवाह ने शिकायतों के निराकरण में लापरवाही की जिसपर उस पर 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सामने आई सीवर संधारण कार्य ठेकेदार की लापरवाही 

ग्वालियर नगर निगम ने सीवर संधारण के कार्य में लापरवाही बरतने एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त 98 शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने पर मैसर्स तूबा कंस्ट्रक्शन एवं इलेक्ट्रिकल्स वर्क्स ग्राम सिगोरा मोतीझील पर 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। निगम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयावधि में सभी शिकायतों को निराकरण कर दे अन्यथा आपकी फार्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जायेगा।

पहले भी लग चुका है मोटा जुर्माना 

उपायुक्त एपीएस भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मैसर्स तूबा कंस्ट्रक्शन एवं इलेक्ट्रिकल्स वर्क्स को रोज टेलीफोन पर शिकायतों की जानकारी दी रही थी और उसके निराकरण के निर्देश दिए जा रहे थे लेकिन उसकी कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। वार्ड क्रमांक 18 एवं 19 के सीवर संधारण कार्य समय से नहीं किये जाने पर 1,05,000 रुपये, 34,500 रुपये एवं 57,500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया था।

सीएम हेल्पलाइन की 98 शिकायतों का नहीं किया निराकरण   

इसके उपरान्त भी इनके द्वारा सीवर संधारण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। वर्तमान में सी.एम. हेल्पलाइन से प्राप्त लेवल 02 एवं लेवल 03 की संख्या 98 है, स्पष्ट है कि लेवल 01 में 17 दिवस समय दिये जाने के उपरांत भी सीवर समस्या का निराकरण नहीं किया गया है आज पुनः फर्म पर प्रति शिकायत 500 रुपये के हिसाब अर्थदण्ड रुपये 49,000 रुपये अधिरोपित किया गया।

फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी भी दी 

निगम ने पत्र लिखकर  फार्म को चेतावनी दी कि समस्त शिकायतों का निराकरण 7 दिवस अर्थात् 06.03.2024 तक हो जाए। निर्धारित अवधि निराकरण न करने पर आपकी फर्म के विरुद्ध काली सूची में दर्ज करने की कार्यवाही की जावेगी। अतः आप लेवल-1 पर ही शिकायतों का निराकरण करें।
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 
Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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