लापरवाही पड़ी भारी, दो नायब तहसीलदारों को कलेक्टर ने थमाया नोटिस

लापरवाही पड़ी भारी, दो नायब तहसीलदारों को कलेक्टर ने थमाया नोटिस

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर दो नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस (Notice) जारी किया है। कलेक्टर ने नोटिस जारी कर तीन दिन में उनके सामने उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शासकीय कार्य में गंभीरता रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार अपने अधीनस्थों को निर्देश देते रहते हैं। बावजूद इसके कुछ कर्मचारी अधिकारी ऐसे होते हैं जो शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने से नहीं चूकते। ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह (Gwalior Collector Kaushlendra Vikram Singh) ने ऐसे दो लापरवाह नायब तहसीलदारों को नोटिस (Notice to Naib Tehsildars) जारी किये हैं।

ये भी पढ़ें – MP News : भू-माफिया के खिलाफ चला मामा का बुलडोजर, 14 करोड़ रु की शासकीय जमीन को अवैध कब्जे से कराई मुक्त

कलेक्टर (Gwalior News) ने नायब तहसीलदार चीनौर धीरेन्द्र गुप्ता एवं नायब तहसीलदार भितरवार श्यामु श्रीवास्तव को नोटिस (Gwalior Collector gave notice) जारी कर तीन दिन में स्वयं उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने नोटिस में कहा कि फायर सत्कार अधिकारी के रूप में आपको सौंपे गए दायित्व में लापरवाही बरतने के कारण सत्कार व्यवस्था में अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न हुआ है। उक्त कृत्य शासकीय कार्यों के प्रति आपकी लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता का परिचायक होकर वरिष्ठ के आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है।

ये भी पढ़ें – लाउडस्पीकर पर उमा भारती का बड़ा बयान, MP को लेकर कही ये बात

कलेक्टर ने दोनों नायब तहसीलदारों को तीन दिवस में समक्ष में उपस्थित होकर कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में लिखा गया है कि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

ये भी पढ़ें – अरुणाचल की खूबसूरती देखने का मन है तो IRCTC के इस टूर पैकेज को मिस नहीं करें

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews
लापरवाही पड़ी भारी, दो नायब तहसीलदारों को कलेक्टर ने थमाया नोटिस