कोरोना वायरस: भंडारण और काला बाजारी पर कलेक्टर की सख्ती, शिकायत मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई

कोरोना वायरस: भंडारण और काला बाजारी पर कलेक्टर की सख्ती, शिकायत मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावना को देखते हुए ज़िला प्रशासन द्वारा ग्वालियर जिले में टोटल लॉक डाउन घोषित किया गया है, लेकिन आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए आवश्यक वस्तुओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है । इस बीच प्रशासन के पास शिकायतें आ रही हैं कि कई दुकानदारों द्वारा आवश्यक वस्तुओं का विक्रय निर्धारित दर से अधिक दाम पर किया जा रहा है जिसको लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सख़्ती करने के निर्देश दिए हैं ।

कलेक्टर ने सभी दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यक सामग्री का वितरण निर्धारित दर के हिसाब से ही करें तथा अपनी दुकान के बाहर दर सूची आवश्यक रूप से लगाएं। यदि दुकानदार निर्धारित दर से अधिक दाम पर कोई भी वस्तु बेचता हुआ पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी । इसके साथ ही पुलिस प्रशासन एवं खाद्य विभाग की टीमों द्वारा द्वारा लगातार शहर में भ्रमण कर कर ऐसी दुकानों पर नजर रखी जा रही है।उधर कलेक्टर श्री सिंह ने आम नागरिकों और दुकानदारों से भी अपील की है कि सामग्री का अनावश्यक रूप से भंडारण ना करें । शहर में किसी भी प्रकार से आवश्यक सामग्री की कमी नहीं आने दी जाएगी, जितनी आवश्यकता हो उतनी ही खाद्य सामग्री का क्रय करें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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