सात लाख क़ीमत की देशी शराब पकड़ी, सिटी पुलिस की कार्रवाई

सात लाख क़ीमत की देशी शराब पकड़ी, सिटी पुलिस की कार्रवाई

डबरा/सलिल श्रीवास्तव।
शराब ठेकेदारों और सरकार के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा तो ऐसे में शराब माफिया शराब को ब्लैक में बेचने और उसकी कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं लॉकडाउन है के चलते जिन क्षेत्रों में दुकान नहीं खुली वहां पर शराब पहुंचाना और बेचने का सिलसिला लगातार जारी है ऐसी ही एक लोडिंग वाहन को डबरा की सिटी पुलिस ने बीती रात पकड़ा है जिसमें 150 पेटी देशी शराब भरी थी इसकी कीमत सात लाख बताई जा रही है।एसडीओपी उमेश तोमर ने बताया जरिए मुखबिर सूचना मिली थी कि शराब की एक गाड़ी भरकर ग्वालियर की तरफ जा रही है जिस पर थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने देर रात सिमरिया टेकरी पर एंबुश लगाया और गाड़ी को पकड़ लिया गाड़ी में 150 देशी शराब की पेटियाँ है जिनकी कीमत लगभग सात लाख बताई जा रही है शराब को पकड़ने में आरक्षक अबिनाश पटसारिया,१०० डायल के विनोद पचोरी,गौरब यादव,महेश तिवारी की महत्तबपूर्ण भूमिका रही।फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुट गई है कि शराब कहां से आई थी और कहां बिकने जा रही थी पुलिस ने शराब के साथ दो लोगों को पकड़ा जिनसे पूछताछ की जा रही है प्रथम द्रष्टया को जानकारी मिली है उसके अनुसार शराब दतिया जिले से आ रही थी और ग्वालियर जिले में भेजी जा रही थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews