आदतन अपराधियों की गुहार पर पसीजा DM Gwalior का दिल, सुनाई अनूठी सजा, लगाने होंगे पौधे, रखवाली भी करनी होगी

आदतन अपराधियों की गुहार पर पसीजा DM Gwalior का दिल, सुनाई अनूठी सजा, लगाने होंगे पौधे, रखवाली भी करनी होगी

Gwalior News : अपराधियों को यदि अपने किये पर पछतावा हो तो उन्हें सुधरने का मौका भी मिलना चाहिए इसी बात को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने आज दो आदतन अपराधियों को एक अनूठी सजा सुनाई है, एसपी द्वारा जिला बदर करने के प्रतिवेदन की सुनवाई के दौरान दोनों अपराधियों ने गुहार लगाई कि उन्हें ये दंड ना दिया जाये इससे उनकी बदमानी होगी, गुहार सुनने के बाद डी एम का दिल पसीजा और उन्होंने एक अनूठी सजा सुना दी जिसे दोनों अपराधियों ने स्वीकार कर लिया।

अपराधी बोले, जिला बदर ना कीजिये, अब हम अपराध से दूर रहेंगे 

जिला दंडाधिकारी अक्षय कुमार सिंह के न्यायालय में आज आदतन अपराधी राकेश व मान सिंह के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई के प्रकरण की सुनवाई हुई,  सुनवाई के दौरान राकेश शिवहरे व मानसिंह कुशवाह ने गुहार लगाई कि साहब हम अब हम अपराध व अन्याय से दूर रहेंगे। हम अच्छे नागरिक बनकर शांति पूर्ण जीवन जीने का वचन देते हैं। हमें जिला बदर की सजा न दी जाए। हम स्वेच्छा से पर्यावरण संरक्षण व सामुदायिक सेवा जैसे कार्य करने को तत्पर हैं। यदि जिला बदर की सजा दी गई तो हमारी बड़ी बदनामी होंगी और हमें सामजिक जीवन में बड़ी असुविधा होगी।

अपराधियों की गुहार पर दिया सुधरने और प्रायश्चित करने का एक मौका 

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने गुहार सुनने के बाद इन दोनों आदतन आरोपियों को जिला बदर न कर सुधरने और प्रायश्चित करने का मौका देने का फैसला किया। उन्होंने आदेशों में जिक्र किया कि यह निर्देश परीक्षण प्रकरण के तौर पर दिए गए हैं ताकि “हिंसा और बुराई के विचार का प्रतिकार, सृजन एवं प्रकृति के साथ एकाकार होने के माध्यम से सामांजस्य स्थापित किया जा सके।

दया, सेवा, प्रेम एवं करूणा की प्रवृति को विकसित करने की आवश्यकता है : DM Gwalior 

डी एम ने आदेश में कहा कि वर्तमान में मानव अस्तित्व के आवश्यक अंग के रूप में दया, सेवा, प्रेम एवं करूणा की प्रवृति को विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह मानव जीवन की मूलभूत प्रवृतियाँ है और मानव अस्तित्व को बनाए रखने के लिए इनका पुनर्जीवित होना आवश्यक है। उन्होंने आदेशों में यह भी उल्लेख किया है “यह प्रयास केवल एक वृक्ष के रोपण का प्रश्न न होकर एक विचार के अंकुरण का है।

20-20 फलदार व छायादार पौधे रोपने होंगे, रखवाली भी करनी होगी 

आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि ये दोनों व्यक्ति सिरोल पहाड़ी पर न केवल वृक्षारोपण करें बल्कि वृक्षों का पोषण भी करें। लगाए गए पौधे 6 से 8 फीट ऊँचाई के हों और 3 से 4 फीट गहरे गड्ढों में लगाए जाएँ, जिससे वे शीघ्रता से पेड़ बन सकें। आदेश में कहा गया है कि आदतन अपराधी राकेश व मान सिंह को सिरोल पहाड़ी पर 20-20 फलदार व छायादार पौधे रोपने होंगे। साथ ही पौधों का रख-रखाव और रखवाली भी करनी होगी, जिससे लगाए गए पौधे पेड़ बन सकें। पौधे रोपने से लेकर उनके रख-रखाव के फोटोग्राफ हर तीन माह के भीतर संबंधित पुलिस थानों और कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत करने होंगे। जिला दंडाधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि आदेश की उल्लंघन दशा में विधिवत कार्रवाही करना सुनिश्चित करें। इन आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना जनक गंज में आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इन दो अपराधियों को भरने होंगी 50 -50 बंध पत्र 

जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने आदतन अपराधी राकेश पारदी पुत्र करन सिंह पारदी निवासी पारदी मोहल्ला गली नं. 5 नाका चांद बदनी को पुलिस थाना झाँसी रोड़ में उपस्थित होकर सदाचार पूर्ण व्यवहार करने के लिए 50 हजार रुपये का बंद पत्र भरने आदेश दिए हैं। इसी तरह इमरान उर्फ राजू खान निवासी मदरसे के पास जंगी पुरा डबरा को भी पुलिस थाना डबरा में 50 हजार रुपये का बंध पत्र भरने का आदेश दिया है। इन दोनों आदतन अपराधियों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में संगीन अपराधिक मामले दर्ज हैं।

6 महीने तक थाने में हाजिरी देने के आदेश

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने  पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर लोक शांति एवं जन सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह आदेश जारी किए हैं। सदाचार बरतने के लिए बंध पत्र भरने वाले इन दोनों अपराधियों को 6 महीने तक हर माह की पहली तारीख को संबंधित पुलिस थाने में अपनी हाजिरी देनी होगी।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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