
Gwalior News : ग्वालियर नगर निगम परिषद् में आज जोरदार हंगामा हुआ, पिछली बैठक की तरह ही आज की बैठक में भी स्मार्ट सिटी के कार्यों को लेकर पार्षदों ने हंगामा किया, अँधेरे में डूबे शहर को लेकर अफसरों की लापरवाही की शिकायत पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने की और इसमें हुए भ्रष्टाचार की जाँच कराने की मांग की, पार्षदों की मांग पर स्मार्ट सिटी के कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की जाँच ED से कराने और नगर निगम के बिजली विभाग की उपकरण खरीदी की जाँच EOW से कराने का प्रस्ताव परिषद् ने पारित कर दिया।
नगर निगम के सभापति मनोज तोमर ने परिषद् की बैठक के बाद मीडिया से कहा कि स्मार्ट सिटी के कार्यों के कारण शहर के लोगों को हो रही परेशानी की शिकायतों के चलते दो बार से परिषद् की बैठकें नहीं हो पा रही थी, पूरा सदन कह रहा था कि स्मार्ट सिटी के काम ठीक नहीं है इसमें भ्रष्टाचार हुआ है इसकी जाँच होनी चाहिए।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी के कार्यों में भ्रष्टाचार की जाँच ED को
आज भी जब बैठक शुरू हुई तो पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया, सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने पूरा शहर बर्बाद कर दिया है शहर अंधकार में डूबा हुआ है, जो लाइटें लगाई गई हैं उनकी क्वालिटी ख़राब है इसलिए इसकी जाँच कराई जाये, इसलिए सर्व सम्मति से ये प्रस्ताव पारित हुआ कि स्मार्ट सिटी के सभी कार्यों की जाँच ED से कराई जाएगी।
नगर निगम बिजली उपकरण खरीदी की जाँच का जिम्मा EOW को सौंपा
सभापति मनोज तोमर ने कहा एक अन्य प्रस्ताव नगर निगम ने बिजली उपकरण खरीदी को लेकर पारित हुआ, उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के बिजली विभाग ने जो उपकरण, लाईट आदि खरीदी है वो बहुत घटिया क्वालिटी की हैं, लगाते ही ख़राब हो जाती है और गारंटी वाले ठेकेदार उसे सुधारने में आनाकानी करते है इसलिए इसपर भी एक्शन होना चाहिए इसकी खरीदी में भी भ्रष्टाचार हुआ है , मांग के बाद सदन ने सर्व सम्मति से नगर निगम के बिजली विभाग में हुई खरीदी की जाँच EOW से कराने का प्रताव पारित कर दिया।
नगर निगम कमिश्नर और Gwalior Smart City सीईओ ने दिया ये जवाब
सभापति ने कहा कि परिषद् में जो प्रस्ताव पारित होता है उसका ठहराव 7 दिन के अन्दर नगर निगम आयुक्त को भेज दिया जाता है और हम तय समय में इसे भेज देंगे, उधर कमिश्नर अमन वैष्णव ने मीडिया से कहा कि वे बिना ठहराव को पढ़े अभी कुछ नहीं कह सकते वहीं स्मार्ट सिटी की CEO नीतू माथुर का कहना है कि मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है, नगर निगम कमिश्नर खुद स्मार्ट सिटी में एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर है जो आदेश आयेगा उसका विधि अनुसार अध्ययन कर आगे कार्रवाई करेंगे।
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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

