शुरू हुआ “एक मास्क अनेक जिंदगी” अभियान, जन सहयोग से 15 दिन चलेगा

शुरू हुआ “एक मास्क अनेक जिंदगी” अभियान, जन सहयोग से 15 दिन चलेगा

ग्वालियर,अतुल सक्सेना

मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे “एक मास्क-अनेक जिंदगी” जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने शनिवार को फूलबाग चौराहे पर किया। इसके साथ ही ग्वालियर में छह प्रमुख स्थानों पर इस अभियान के तहत जरूरतमंद लोगों को जन सहयोग से 15 दिवस तक निशुल्क मास्क वितरण अभियान चलाया जाएगा।

फूलबाग चौराहे पर “एक मास्क अनेक जिंदगी” जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए नगर निगम आयुक्त ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क एक सर्वसुलभ एवं सबसे अच्छा साधन है। एक मास्क से कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इसी कारण आम जनों को मास्क की उपयोगिता बताने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं नगरी प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के निर्देश पर प्रदेश भर में 15 दिवसीय एक मास्क अनेक जिंदगी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान किल कोरोना अभियान का द्वितीय चरण है तथा इस अभियान के माध्यम से आम जनों को मास्क की उपयोगिता के प्रति जागरूक करना है। ग्वालियर में भी नगर निगम द्वारा इस अभियान का संचालन स्व सहायता समूह एवं जन सहयोग से किया जाएगा। इस अभियान के तहत आगामी 15 दिवस तक शहर के प्रमुख छह स्थानों पर जरूरतमंद लोगों को सुबह एवं शाम के समय शिविर लगाकर मास्क का निशुल्क वितरण किया जावेगा। सभी स्थानों पर महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। शिविर के दौरान विभिन्न प्रचार प्रसार माध्यमों से आम जनों को मास्क की उपयोगिता के प्रति जागरूक भी किया जायेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews