
ग्वालियर, अतुल सक्सेना । दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस की रात आये ग्वालियर में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश का विरोध हो रहा है। व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इसे हास्यास्पद बताया है और कार्यवाही होने पर सरकार को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है तो वहीं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने एक ट्वीट कर कहा है कि इस आदेश के बाद मन व्यथित है।

ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा कल 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के 2015 के आदेश और उस आधार पर मप्र शासन के 2021 के आदेश के आधार पर ग्वालियर नगर निगम सीमा में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने और नगर निगम सीमा के बाहर रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति का आदेश जारी किया है। दिवाली से ठीक पहले इस तरह के आदेश पर लोग सवाल खड़े करने लगे । गौरतलब है कि शनिवार को एडीएम ने आदेश जारी किया जबकि शुक्रवार तक पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस जारी किये गए।
आदेश निकलने के बाद व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था मप्र चैंबर और कॉमर्स ने इसे तुगलकी आदेश बताते हुए विरोध जताया। चैंबर अध्यक्ष विजय गोयल, मानसेवी सचिव डर प्रवीण अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने बयान जारी कर आदेश को गैर व्यावहारिक और हास्यास्पद बताया और चेतावनी दी कि यदि कार्यवाही हुई तो सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और वो उसे निभाता भी है लेकिन इस तरह से दिवाली से ठीक पहले इस तरह का आदेश ना सिर्फ व्यापारियों के लिए परेशानी पैदा करने वाला है बल्कि आम शहरी के लिए भी टेंशन वाला है। चैंबर ने कहा कि सरकार या जिला प्रशासन को शहर में उड़ती धूल से पर्यावरण को हो रहा नुकसान दिखाई नहीं देता लेकिन एक दिन की अतिशबाजी दिखाई दे रही है चैंबर ने इस तुगलकी आदेश को वापस लेने की मांग की है।
उधर पूर्व मंत्री एवं प्रखर हिंदूवादी नेता जयभान सिंह पवैया ने भी जिला प्रशासन के इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा – ग्वालियर में पटाखे पर प्रतिबंध के आदेश से मन व्यथित है, हिंदू संस्कृति के विरुद्धएनजीओ द्वारा बनाये जा रहे वातावरण का ये नतीजा है। वरिष्ठ भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अदालत का सम्मान भी रहे और परंपराओं का अखंड दीप भी न बुझे। मध्य मार्ग खोजने की आवश्यकता है। एक दिन की ध्वनि से नहीं, मानवता तो संस्कृति मिटने से संकट में पड़ेगी।
ग्वालियर में पटाखे पूर्णतः प्रतिबंध..?मन व्यथित है,हिंदू संस्कृति के विरुद्ध NGO द्वारा बनाए जा वातावरण का नतीजा है यह।
अदालत का सम्मान भी रहे और परम्पराओं का अखंड दीप भी न बुझे।मध्यमार्ग खोजने की आवश्यकता है।एक दिन की ध्वनि से नहीं,मानवता तो संस्कृति मिटने से संकट में पड़ेगी। pic.twitter.com/UprUx0W6Gy— Jaibhan Singh Pawaiya (@PawaiyaJai) October 23, 2022
आपको बता दें कि जिला प्रशासन ने शनिवार शाम पहले एक आदेश निकाला जिसमें पूरे जिले में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश थे लेकिन इसके थोड़ी ही देर बाद संशोधित आदेश निकालकर ग्वालियर नगर सीमा में पूरी तरह प्रतिबंध और नगर निगम सीमा के बाहर रात 8 बजे से 10 बजे तक केवल ग्रीन पटाखे चलाने के निर्देश दिये । आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी सभी एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई। बहरहाल अब देखना ये है शहर में अतिशबाजी की दुकाने लगी हैं,व्यापारी बेच रहे है, बहुत से लोग खरीद चुके हैं अब ऐसे में लगभग 16 लाख की आबादी वाले ग्वालियर जिले में इस आदेश का पालन प्रशासन कैसे करा सकेगा।
यह भी पढ़ें – इंडिया की जीत के लिए मुस्लिम भाइयों ने कचहरी वाले बाबा की दरगाह पर मांगी दुआ
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

