
Expensive branded liquor seized retired soldier home on Gandhi Jayant dry day
गांधी जयंती पर पूरे देश में “ड्राई डे” होता है यानि इस दिन शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहती है लेकिन चोरी छिपे लोग इसका उल्लंघन करते हैं और फिर पकड़े जाते हैं ग्वालियर में भी आज इसी तरह की कार्रवाई हुई हैं, आबकारी विभाग ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कई जगह छापे मारकर देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की है और 6 प्रकरण दर्ज किये हैं, इसमें सबसे खास मामला एक रिटायर फौजी के घर छापे का है।
ड्राई डे को लेकर आबकारी विभाग ने विशेष रणनीति बनाई थी उसे अंदेशा था कि लोग छिपकर इस दिन शराब जरुर बेचेंगे, आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि आर्मी कैंटीन के लिए आरक्षित महँगी ब्रांडेड शराब को ऐसे ही मौकों पर बाजार में खपाया जाता है , विभाग ने ऐसे ठिकाने चिन्हित किये फिर मुखबिर सक्रिय किये और उसके बाद उसे सफलता मिल गई, आबकारी विभाग ने एक एक्स सर्विस मैन के घर छापा मारकर उसके पास से 25 लीटर अंग्रेजी ब्रांडेड महँगी शराब जब्त की है।
छापा मारने वाली टीम के प्रमुख शिवा रघुवंशी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ड्राई डे के कारण विभाग अतिरिक्त सावधानी बरत रहा था आधे दिन में ही 6 केस रजिस्टर्ड हो गए जिसमें 4 जगह देशी और 2 जगह अंग्रेजी शराब मिली, उन्होंने बताया इसमें से एक रिटायर्ड फौजी के घर का छापा भी शामिल हैं।
रिटायर्ड फौजी के घर मिली 25 लीटर शराब
शिवा रघुवंशी ने बताया कि आबकारी विभाग को सूचना मिली कि गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की प्रगति विहार कॉलोनी में मिलिट्री कैंटीन से निकली सेना के लिए आरक्षित महँगी , ब्रांडेड अंग्रेजी शराब सस्ती कीमत पर बेची जा रही है, टीम ने उस मकान पर जब छापा मारा तो वो एक रिटायर फौजी निरंजन सिंह तोमर का निकला, छापे में कुल 25 लीटर अंग्रेजी शराब मिली, आबकारी विभाग ने जब बोतल चैक की तो उसपर not for sale लिखा था।
इन ब्रांड की महँगी शराब बेच रहा था
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बोतल पर लगे स्कैनर को जब स्कैन किया तो मालूम चला कि ये शराब मिलिट्री कैंटीन से निकली है और से बाजार में बेचना प्रतिबंधित है ये केवल फौजियों के लिए है, विभाग ने जो शराब जब्त की उसमें 100 पाइपर, ब्लैक डॉग, ब्लैक एंड वाईट, टीचर्स, ब्लेंडर्स प्राइड और सिग्नेचर जैसे महंगे ब्रांड शामिल हैं।
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे
आबकारी विभाग ने जब आरोपी एक्स आर्मी मैन निरंजन सिंह तोमर ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वो कैंटीन से मिलने वाली शराब को बाजार भाव से कम कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता है। जानकारी ये भी सामने आई कि आरोपी अन्य रिटायर्ड सैनिकों के कैंटीन कार्ड का इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में शराब एकत्र करता था और फिर उसे बेचता था हालाँकि अभी इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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