33 गांवों में गिरता भू-जल स्तर बना चिंता का विषय, पता लगाने आई वैज्ञानिकों की टीम

33 गांवों में गिरता भू-जल स्तर बना चिंता का विषय, पता लगाने आई वैज्ञानिकों की टीम

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर (Gwalior News) जिले के कई क्षेत्रों में गिरता भू-जल स्तर (falling ground water level) चिंता का विषय है। यदि जल्दी ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था अथवा गिरते भू-जल स्तर को रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं हुए तो आने वाले गर्मियों के सीजन में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है। जिले के भितरवार ब्लॉक के 33 गांवों के हालात बहुत ख़राब हैं यहाँ भू-जल स्तर 700-800 फीट नीचे चला गया है।

गौरतलब है कि ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा के बरई‚ रानीघाटी‚ आरोन‚ पाटई सहित 33 से भी अधिक गांव लगातार घटते भू-जल स्तर से जूझ रहे हैं।  इन गांवों का मुद्दा ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर (MP Vivek Shejwalkar) के लोकसभा में उठाया था। सांसद विवेक शेजवलकर ने संसद में इन गांवों में लगातार घटते भू-जल स्तर के कारणों एवं जल उपलब्ध कराने की संभावनाओं को लेकर जल विशेषज्ञ सर्वेक्षण टीम को भेजने की मांग केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री से की थी। सांसद की मांग पर जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की ग्राउंड वाटर एक्सेपर्ट कमेटी, सेंट्रल बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ भू-जल वैज्ञानिक डॉ राकेश सिंह के नेतृत्वे में भू-जल वैज्ञानिकों का दल बुधवार को ग्वालियर आया और सांसद विवेक शेजवलकर के साथ बैठक की।

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सांसद ने दल के सामने ग्वालियर की भितरवार विधानसभा के 33 से अधिक गांवों की जल समस्या की जानकारी देते हुए कहा कि इन गांवों में भू-जल स्तर 700 से 800 फीट तक नीचे चला गया है। किसान सिंचाई के लिये पानी के अभाव में पलायन करने के लिये मजबूर है। भू-जल की वर्तमान स्थिति को सुधारने एवं समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है। वैज्ञानिकों का ये दल गिरते भू-जल स्तर का पता लगाने एवं इन क्षेत्रों में जल कैसे उपलब्ध कराया जाये इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर पेश करेगा।

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सांसद विवेक शेजवलकर के साथ बैठक के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राकेश सिंह के साथ, भूजल वैज्ञानिक के परमासिवम, डीके सौरे के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता पीके मैडमवार, कार्यपालन यंत्री वीके छारी, सहायक यंत्री संजीव गुप्ता, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री आशुतोष भगत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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वरिष्ठ वैज्ञानिक राकेश सिंह ने सांसद विवेक शेजवलकर को बताया कि इन गांवों में लगातार घटते भू-जल स्तर के कारणों एवं जल उपलब्ध कराने की संभावनाओं का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है यहां पर व्याप्त जल की समस्या का स्थायी निराकरण हो सके हमारा यह प्रयास है। इसके लिये जिला प्रशासन के अन्य विभागों के परस्पर समन्वय की आवश्यकता होगी। बैठक के दौरान सांसद ने जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी से भी इस केन्द्रीय दल के साथ बैठक करने के लिये कहा है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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