ग्वालियर: मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए ग्वालियर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिले के सभी 91 परीक्षा केंद्रों के आसपास प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। यह आदेश 10 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च 2026 को परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन का यह कदम परीक्षाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर लागू हुए नए नियम
जारी किए गए आदेश के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत सभी 91 परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि में चार या उससे अधिक व्यक्तियों के समूह में खड़े होने या इकट्ठा होने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य बाहरी हस्तक्षेप को रोकना और परीक्षार्थियों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
किसे मिलेगी इस आदेश से छूट?
हालांकि, यह प्रतिबंध परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा। लेकिन उन्हें भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा केंद्र परिसर में पहुंचकर समूह न बनाएं और सीधे अपने निर्धारित परीक्षा कक्ष में जाएं। इसके अलावा, इस आदेश से कुछ लोगों को छूट दी गई है, जिनमें शामिल हैं:
- परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी
- शिक्षक और अन्य परीक्षा कर्मचारी
- सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और अन्य सरकारी बल
ये सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने शासकीय कर्तव्य का पालन करते समय इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
उल्लंघन करने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने साफ किया है कि इन प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परीक्षाओं के सुचारू संचालन में सहयोग करें। यह आदेश 10 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा।





