फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

एमपी के ग्वालियर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। आरोपी विदेशी नागरिकों को शिकार बनाकर ऑनलाइन ठगी करते थे।
Gwalior News

ग्वालियर जिले की मोहना थाना पुलिस ने एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्वयं को अमेरिका स्थित ‘‘लेंडिंग क्लब’’ कंपनी का एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दो गुजरात के, एक उत्तर प्रदेश का और एक नागालैंड का रहने वाला है।

पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि एनएच-46 पर जैनपथ होटल मोहना के कमरों में कुछ व्यक्ति फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे हैं और इनका निशाना विदेशी नागरिक हैं ये उन लोगों से साइबर ठगी कर रहे हैं। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जिसके बाद एसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर मोहना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनय सिंह तोमर की टीम ने जैनपथ होटल पर दबिश दी।

आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस को दबिश के दौरान होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप पर काम करते मिले। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम राजपूत अभिषेक राजकुमार उम्र अहमदावाद गुजरात, शिवेन्द्र नरेन्द्र सिंह परिहार उर्फ राजन अहमदाबाद गुजरात, आर्यन राजपूत उर्फ लाला झांसी उत्तरप्रदेश और शुभोम घोष उर्फ शुभम ढीमापुर नागालेंड बताये, आरोपी 20 से 31 साल की उम्र के हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने किए कई खुलासे

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले लगभग पांच महीनों से जैनपथ होटल में रहकर प्रबल प्रताप सिंह परिहार के निर्देश पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे हैं। ये लोग अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे, आरोपी अमेरिकी नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा व्हाट्सएप एवं ई-मेल के माध्यम से प्राप्त करते थे तथा स्वयं को अमेरिका स्थित ‘‘लेंडिंग क्लब’’ कंपनी का एजेंट बताकर लोन स्वीकृत कराने का झांसा देते थे। इसके बाद वे उनसे सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंक संबंधी जानकारी एवं प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर एप्पल गिफ्ट कार्ड, नाइकी गिफ्ट कार्ड सहित अन्य गिफ्ट वाउचर प्राप्त कर ठगी करते थे।

पूछताछ में एक बड़ा खुलासा ये भी हुआ कि बातचीत के दौरान अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर ये लोग अमेरिकन लोगों से बात करते समय मूल नाम नहीं बताते थे बल्कि अमेरिका में प्रचलित नाम बताते थे इसमें राजपूत अभिषेक खुद को Frank बोलता था, शुभोम घोष अपना नाम Luis Hamilton बताता था वहीं आर्यन राजपूत खुद का परिचय Bruce के नाम से देता था, चौथा आरोपी भी अपना अमेरिकन नाम ही बताता था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ किया मामला दर्ज

पुलिस को आरोपियों ने बताया कि प्रबल प्रताप सिंह परिहार द्वारा हम लोगों को हर महीने 15,000 से 20,000 रुपये सैलेरी दी जाती है और ये कैश मिलती है इसके अलावा जिसके द्वारा जितनी राशि की ठगी की जाती थी उसका 5 प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस और आईटी की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, काल सेंटर का मुख्य संचालक प्रबल प्रताप सिंह परिहार फरार है पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

Shyam Dwivedi
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